इंटरनेट सेवाएं बन्द करने के मामले में नोटिस

भीलवाडा। राजस्थान के भीलवाड़ा में स्थाई लोक अदालत ने शहर में इंटरनेट सेवा बंद करने के मामले में पुलिस एवं जिला प्रशासन तथा पांच मोबाईल कम्पनियों को नोटिस जारी कर तलब किया हैं।

भारतीय मज़दूर संघ (भामस) के प्रदेश उपाध्यक्ष श्रमिक नेता प्रभाष चौधरी और चार व्यापारियों ने जिला प्रशासन द्वारा क़ानून व्यवस्था बिगडने का हवाला देते हुये शहर में इंटरनेट सेवाओं को एक वर्ष में चार बार बन्द कर दिये जाने के खिलाफ जिला स्थाई लोक अदालत में संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित पांच मोबाईल कम्पनियों के खिलाफ परिवाद पेश किया।

इस पर अदालत ने पुलिस एवं जिला प्रशासन तथा मोबाईल कम्पनियों को नोटिस जारी कर आगामी ग्यारह जनवरी को तलब किया है। परिवाद में बताया गया कि भीलवाड़ा आैद्योगिक नगरी है जहां प्रतिदिन करोडों रुपए का व्यापार विभिन्न क्षेत्रों में होता है।

केन्द्र एवं राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार को मिटाने, आमजन को त्वरित न्याय एवं सुविधाए उपलब्ध कराने के लिये डिजीटल इण्डिया, साईनिग इण्डिया, केसलेस जैसी कई योजनाए जिनमें बैकिग, बिलिंग, साक्षात्कार, जीएसटी, सेलटेक्स, इनकमटेक्स, टेलीफोन, मोबाईल, बिजली, पानी बिल, शैक्षिणिक, चिकित्सालय, रेलवे, हवाई, ट्रावेल्स, टेक्सी, स्वास्थ्य, नेट बैकिग, आॅन लाईन रिजरवेशन, विद्यार्थी प्रतियोगिता परीक्षा के आवेदन तथा निर्माण श्रमिक जगत का कार्य पूर्णतया इन्टरनेट सेवाओ के माध्यम से करवा रखा हैं।

ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा बिना किसी आधार एवं सूचना, जानकारी एवं आमजन की सुविधाओ का ध्यान रखे बगैर करोडो रूपये के व्यापार को प्रभावित करते हुये इंटरनेट सेवाएं पिछले एक वर्ष में कई घन्टों तक चार बार बन्द कर भीलवाडा के आम नागरिकों के साथ कुठाराघात किया हैं।

इस पर अदालत ने पुलिस अधीक्षक ,कलेक्टर और मोबाइल सेवा प्रदाता कम्पनियों को नोटिस जारी कर ग्यारह जनवरी को तलब किया हैं।

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