गहलोत ने कई विभागों मे 31 मार्च तक कामकाज बंद रखने के निर्देश दिये

  • Devendra
  • 19/03/2020
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जयपुर। (वार्ता) राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर राज्य में कई विभागों में 31 मार्च तक कामकाज बंद (शट डाऊन) रखने के निर्देश दिये हैं।

श्री गहलोत ने आज मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक में कोरोना वायरस की समीक्षा करते हुए कहा कि जीवन रक्षा के लिए कुछ आवश्यक सेवाओं से संबंधित विभागों को छोड़कर अन्य सभी सरकारी एवं अर्द्ध सरकारी विभागों, स्वायत्तशासी संस्थाओं, राजकीय निगमों एवं मंडलों में 31 मार्च तक कामकाम बंद रखा जाये। साथ ही उन्होंने राज्य में सभी स्कूलों एवं कॉलेज विद्यार्थियों की समस्त परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कि इस महामारी से बचाव के लिए इटली से सबक लेते हुए सभी माकूल इंतजाम तत्परता के साथ किए जाएं। इस वायरस के फैलाव के लिए अगले दो सप्ताह विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, ऐसी स्थिति में इस बीमारी का सामना करने के लिए हर व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभानी होगी। बैठक में तय किया गया कि सामान्यतः सभी राजकीय विभागों, निगमों एवं मण्डलों के कार्यालयों में अत्यावश्यक कार्य होने पर ही आगन्तुकों के आने की अनुमति दी जाये।

बैठक में बताया गया कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, आयुर्वेद, ऊर्जा, सभी विद्युत निगम, जलदाय, स्वायत्त शासन, नगरीय निकाय, गृह एवं पुलिस, कारागार, गृह रक्षा एवं एफएसएल, वित्त, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आपदा प्रबंधन एवं सहायता, पंचायतीराज, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, कार्मिक (आवश्यक शाखाएं), परिवहन मय रोडवेज एवं अन्य शहरी बस निगम, जयपुर मेट्रो, सामान्य प्रशासन, स्टेट मोटर गैराज, विधि तथा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग में कामकाज जारी रहेगा। शेष विभागों में 50 प्रतिशत कार्मिक कार्यालय में उपस्थिति देंगे और 50 प्रतिशत घर से कार्य (वर्क फ्रॉम होम) करेंगे। कार्मिक घर से ऑनलाइन कार्य भी कर सकेंगे।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि कामकाज बंद करने का मतलब अवकाश नहीं है। कार्मिकों को आवश्यकता होने पर कार्यालय में उपस्थित होना होगा। केवल चिकित्सा कारणों एवं पारिवारिक आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर किसी प्रकार के अवकाश एवं मुख्यालय छोड़ने की अनुमति इस अवधि के दौरान नहीं होगी। सचिवालय में उप सचिव एवं संयुक्त सचिव स्तर तथा इससे उच्च स्तर के अधिकारियों पर, विभागाध्यक्षों के कार्यालयों में उप निदेशक/अधिशासी अभियंता स्तर एवं इससे उच्च स्तर के अधिकारियों पर भी यह आदेश लागू नहीं होगा। जिला स्तर पर जिला कलेक्टर कार्यालय एवं जिला स्तरीय अधिकारियों पर भी यह लागू नहीं होगा। जिला स्तरीय अधिकारी अपने कार्यालय में रोटेशन के आधार पर न्यूनतम कर्मियों की उपस्थिति तय करेंगे, जो 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।

बैठक में श्री गहलोत ने अगले आदेश तक राज्य में स्पा, क्लब, बार आदि बंद करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा मुहैया कराने के साथ ही उन्हें सवैतनिक अवकाश देने और मनरेगा श्रमिकों को भी 31 मार्च तक कार्यस्थल पर आने से रोककर उन्हें नियमानुसार मानदेय का भुगतान करने के भी निर्देश दिये। श्री गहलोत ने धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के आने पर रोक लगाने का अनुरोध किया।

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