ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षणों को पहचानना है जरूरी

ब्रेन ट्यूमर यानि ब्रेन कैंसर दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारी है। मस्तिष्क हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके साथ थोड़ी-सी भी लापरवाही या दिमाग की सेहत को लेकर की गई नजरअंदाजी हमारे लिए खतरा बन सकती है। ब्रेन ट्यूमर के बहुत से शुरुआती लक्षण होते हैं जिसे गंभीरता से लेते हुए डॉक्टरी जांच करवाना बहुत जरूरी है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है और इसकी सबसे बड़ी परेशानी है कि शुरुआती दिनों में इसका पता नहीं लगता या फिर यह भी कहा जा सकता है कि इसके लक्षणों को लोग सामान्य समझ कर नजरअंदाज कर देते हैं। सही समय पर इस बीमारी के बारे में पता चल जाए तो ब्रेन ट्यूमर के मरीज भी आसानी से बच सकते हैं।

क्या है ब्रेन ट्यूमर
ब्रेन हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण और नाजुक हिस्सा है। एक सामान्य व्यक्ति में 100,000,000,000 के लगभग ब्रेन सेल्स होते हैं। जब किसी कारण दिमाग की कोशिकाओं का नियंत्रण बिगड़ने लगता है तब यह सेल्स नष्ट होने लगते हैं, जिससे ब्रेन के काम करने में रूकावट पैदा होने लगती है। ब्रेन में अनियं‍त्रि‍त कोशिकाएं ब्रेन सेल्स के आसपास तेजी से फैलती है जो कि कैंसर का रूप धारण करती रहती हैं। मस्तिष्क में इतना बड़ा बदलाव आने के कारण शरीर भी इसके साथ संकेत देने लगता है। जिनको पहचानना बहुत बहुत जरूरी है।

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण
शरीर में अचानक किसी तरह के बदलाव दिखाई दें तो देरी न करते हुए डॉक्टर के साथ संपर्क जरूर करें।

1. सिरदर्द

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सिर में तेज और लगातार दर्द रहना, सुबह होते ही दर्द का अहसास होना और बढ़ता जाना ब्रेन ट्यूमर का शुुरुआती लक्षण हो सकता है। ऐसे में सबसे पहले डॉक्टरी जांच करवानी बहुत जरूरी है।
2. उल्टी आना
सिर दर्द को सहन न कर पाना, दूसरी जगह पर जाने और वातावरण में बदलाव आने से सिर दर्द के साथ उल्टी आना परेशानी का कारण हो सकता है।
3. देखने मेें परेशानी
ट्यूमर होने पर देखने में भी परेशानी होने लगती है। वैस तो विटामिन की कमी या फिर कंप्यूटर पर लगातार काम करने से आंखों की रोशनी कम होने लगती है लेकिन अगर फिर भी धुंधला दिखाई दें, चीजों का रंग पहचानने में परेशानी हो तो यह ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षण हो सकता है।
4. बोलने में दिक्कत
अचानक ही बात करने में परेशानी आने लगे या फिर चीजों को भूलने लगे तो यह ट्यूमर के संकेत हो सकते हैं।
5. सुनने में परेशानी

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ट्यूमर होने पर सुनने में भी समस्या होने लगती है। जिन लोगों को दिमाग के टैंपोरल लोब में ट्यूमर होता है, उनके सुनने की क्षमता कमजोर होनी शुरू हो जाती है।
6. यादाश्त कमजोर होना

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इस बीमारी में दिमाग के सोचने और समझने की क्षमता पर भी बुरा असर पड़ना शुरू हो जाता है।

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