कांच की दीवार के पीछे कुलभूषण जाधव से मिलीं मां अौर पत्नी

इस्लामाबाद। जासूसी के अारोप में पाकिस्तान में फांसी की सजा पाये भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव की पत्नी और मां ने आज यहां पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय में मुलाकात की। इस दौरान पाकिस्तान में भारत के उप उच्चायुक्त जे पी सिंह भी मौजूद थे लेकिन वह इस बातचीत को सुन नहीं सके।

कांच की दीवार के पार हुई इस मुलाकात के पल-पल की कई कोनों से वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग की गयी। नीले कोट में थके और बूढ़े नज़र आ रहे कमांडर जाधव को देख कर उनकी मां और पत्नी का हृदय विचलित था। कमांडर जाधव ने केवल अंग्रेज़ी भाषा में बात की। बाद में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कमांडर जाधव से उनकी मां और पत्नी काे मिलने की इजाज़त कायदे आज़म मोहम्मद अली जिन्ना के जन्मदिन पर इस्लामिक शिक्षाओं के आधार पर दी गयी थी।

इसका काेई कूटनीतिक महत्व नहीं है क्योंकि यह राजनयिक संपर्क नहीं था। मोहम्मद फैसल ने कहा कि बैठक के दौरान भारतीय राजनयिक को कमांडर जाधव और उनकी मां एवं पत्नी से हुई बातचीत को सुनने की इजाज़त नहीं दी गयी। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान सरकार चाहती थी कि कमांडर जाधव की मां एवं पत्नी मीडिया से बात करें ताकि सबको हर सवाल का उत्तर मिल सके लेकिन भारतीय पक्ष इसके लिये तैयार नहीं हुआ।

पाकिस्तान सरकार ने इसके बाद कमांडर जाधव का एक स्वास्थ्य बुलेटिन भी जारी किया और एक वीडियो टेप भी जारी किया लेकिन कांच की दीवार के पार बैठे कमांडर जाधव और वीडियाे में दिख रहे कमांडर जाधव में बहुत अंतर था। ऐसा प्रतीत होता है कि वीडियो काफी पहले रिकॉर्ड किया गया था।

भारत में इस मुलाकात के तौर तरीकों को लेकर सवाल उठाए हैं तथा कमांडर जाधव एवं उनकी मां एवं पत्नी के बीच कांच की दीवार लगाए जाने की तीखी आलोचना की गई। रक्षा एवं कूटनीतिक विश्लेषकों ने जाधव को मराठी में बोलने से रोके जाने और उन्हें अपनी मां का आशीर्वाद लेने से महरूम किए जाने को अमानवीय करार दिया गया।

अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधिकरण में कमांडर जाधव को बचाने के लिये पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने नयी दिल्ली में कहा कि यह बहुत चिंता की बात है कि कमांडर जाधव को भयंकर रूप से प्रताड़ित किया गया है और उन्हें नशीली दवाएं दे कर लाया गया था। वह अपनी मां और पत्नी से अपनी मातृभाषा की बजाए अंग्रेज़ी में बात कर रहे थे और उनकी भावभंगिमाएं भी अजीबोगरीब थीं।

निश्चित रूप से मुलाकात के बाद उनकी मां की भी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं होगी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह मुलाकात करीब 35 से 40 मिनट चली। कमांडर जाधव की मां एवं पत्नी आज दोपहर करीब साढे 12 बजे इस्लामाबाद पहुंचीं थी जहां हवाई अड्डे पर पाकिस्तानी विदेश एवं गृह मंत्रालयों के अधिकारी तथा श्री सिंह मौजूद थे। कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें हवाई अड्डे से सीधे विदेश मंत्रालय लाया गया।

वीडियो फुटेज के अनुसार विदेश मंत्रालय के बाहर पाकिस्तानी मीडिया भी मौजूद था लेकिन किसी ने उनसे कोई बात नहीं की। श्री सिंह कमांडर जाधव की मां और पत्नी को लेकर एक काले रंग की एसयूवी में पहुंचे। वहां पहुंचने पर मेहमानों को एक ऐसे कक्ष में ले जाया गया जो कांच की मोटी दीवार से दो भागों में बंटा था। एक हिस्से में कमांडर जाधव बैठे थे। दोनों ओर अनेक वीडियाे कैमरे लगाए गए थे। बातचीत को रिकॉर्ड करने के लिये अत्याधुनिक सेंसर लगे उपकरण लगाए गए थे। दूसरे हिस्से में कमांडर जाधव की मां एवं पत्नी की कुर्सी लगायी गयी थी।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की एक महिला अधिकारी पीछे बैठे बातचीत पर पैनी नज़र रखे हुए थी। जबकि भारतीय उप उच्चायुक्त एक और कांच की दीवार के पीछे घटनाक्रम को देखते रहे लेकिन वह बातचीत को सुन नहीं पाये। कक्ष के दोनों ओर बातचीत इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से हो रही थी ताकि मुंह से निकला एक भी शब्द रिकॉर्ड से बाहर न रहे।

कोई किसी को फुसफुसा कर या इशारों से भी कुछ नहीं कह सकता था। भारतीय समयानुसार करीब चार बजे मां और पत्नी भारी मन से पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की इमारत से निकले और इस बार एक सफेद एसयूवी में सवार हो कर भारतीय उच्चायोग के लिए रवाना हो गए जहां भारतीय राजनयिक अधिकारियों ने मां एवं पत्नी से बातचीत की।

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