सावा, संक्रमण और सख्ती

  • Devendra
  • 15/04/2021
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खारीतट अलर्ट: कोरोना के बढ़ते संक्रमण से आमजन व व्यापारी हलकान
कोरोना संक्रमण का साया एक बार फिर सावों पर पडऩे लगा है। बाजार में कपड़ा व्यवसायी से लेकर टेंट व डेकोरेशन संचालक और कैटर्स असमंजस की स्थिति में हैं। संक्रमण के मद्देनजर आयोजनों में मेहमानों की संख्या सीमित कर दिए जाने से एक तरह से सब हलकान हैं। पुलिस व प्रशासन भी लोगों को जागरूक करने के साथ गाइडलाइन की पालना करवाने में सख्ती में किसी तरह रियायत के मूड में नहीं है। खारीतट संदेश की विशेष पड़ताल पढ़ें….
बिजयनगर। (खारीतट सन्देश) कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार ने आमजन की चिंता बढ़ा दी है। गत वर्ष ट्वंटी-20 (2020) में कोरोना के कारण देशभर में लगाए गए लॉकडाउन ने सभी को बुरी तरह प्रभावित किया था। कोरोना पॉजीटिव मरीजों की बढ़ती संख्या के बाद सरकार की सख्ती ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि सम्पूर्ण लॉकडाउन तो नहीं लगाया गया है लेकिन सख्ती के कारण एक बार फिर समाज का हर वर्ग सहमा हुआ है। खासकर व्यापारी वर्ग में यह चिंता सर्वाधिक है। गत वर्ष मार्च महीने में लगाए गए सम्पूर्ण लॉकडाउन के करीब छह महीने बाद त्यौहारी सीजन में बाजार में थोड़ी-बहुत हलचल शुरू हुई थी। छह महीने बाद उद्योग-व्यापार ने रफ्तार पकड़ी ही थी कि एक बार फिर कोरोना-रिटर्न ने उद्योग-व्यापार से जुड़े लोगों की धड़कने बढ़ा दी हैं।

आलम यह है कि समारोह में मेहमानों की संख्या सीमित कर दिए जाने से टेंट व्यावसायी, हलवाई, समारोह स्थल संचालक, बैंडबाजा वाले, कपड़ा व्यवसायियों की चिंता बढ़ा दी है। इसी तरह चौक-चौराहों पर थड़ी लगाकर रोजी-रोजगार करने वाले भी सहमे हुए हैं। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण इस बार पुलिस व प्रशासन ने गाइडलाइन की पालना कराने में सख्ती भी शुरू कर दी है। आलम यह है कि आमजन से लेकर व्यापारी तक असमंजस में हैं। खासकर आने वाले दिनों में सावों के मद्देनजर व्यापारियों, कैटरिंग व्यावसायियों, टेंट संचालकों की तैयारियों पर कोरोना संक्रमण के कारण लगाई गई सख्ती से सभी पशोपेश में हैं। कोरोना के बढ़ते संक्रमण की रफ्तार को देखकर कोई कयास नहीं लगा सकता कि कल सख्ती का रुख क्या रहेगा?
गत वर्ष अधिकतर शादी विवाह वाले घरों में तकरीबन सभी तैयारियां लॉकडाउन के चलते धरी रह गई। हालात सामान्य होने के बाद जो शादी -विवाह के कार्यक्रम टले थे उनको इस वर्ष पूरा करने के लिए समारोह स्थल, हलवाई, कैटरिंग, बैंड एवं निमंत्रण पत्र तक बांट दिए लेकिन संक्रमण, कोरोना गाइड लाइन के अनुसार मेहमानों की संख्या, रात्रि कफ्र्यू सहित कई सख्तियों को लेकर आयोजक परिवार पेशोपेश में हैं। वहीं बढ़ते संक्रमण की वजह से ऐसे समारोहों में मेहमान भी जाने से गुरेज कर रहे हैं।

गत दिवस राष्ट्रीय टेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि जिंदल के नेतृत्व में जयपुर में एक कार्यक्रम में जाना हुआ। वहां बिजयनगर क्षेत्र के टेंट मालिकों ने उनको ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री जी से बात करने मांग की है। हमने ज्ञापन में बताया कि गत वर्ष के मार्च से लेकर जुलाई तक के सारे सावे लॉकडाउन से प्रभावित रहे। ऐसे में हमें बहुत नुकसान हुआ। थोड़ा बहुत नवम्बर-दिसम्बर के सावे से काम चला तो उसके बाद अब अप्रेल में सावे शुरू होने वाले हैं लेकिन फिर से सरकार सख्ती बरत रही है। ऐसे में हम टेंट, केटरिंग वाले जाएं तो कहां? हमारी सारी बुकिंगे 500 या इससे अधिक मेहमानों के हिसाब से हुई थी। पार्टियां तो सरकार की गाइडलाइन का हवाला देकर हाथ ऊपर कर लेगी लेकिन हम मजदूरों के लिए मजदूरी कहां से लाएं? इसके लिए भी सरकार को सोचना चाहिए।

नवीन सेन, गणपति टेंट एण्ड इवेंट, बिजयनगर
इन दिनों सोने-चांदी के भावों में तेजी है। इसके बावजूद खरीदारी बनी हुई है। इसके पीछे वजह यह है कि गत वर्ष लॉकडाउन के चलते कई सावों पर शादियां नहीं हो पाई, इस वजह से खरीदारी भी नहीं हुई थी। अब पिछले वर्ष और इस वर्ष दोनों को मिलाकर खरीदारी चल रही है।
अरुण बोरदिया, कलाश्री ज्वैलर्स, बिजयनगर
अप्रेल-मई-जून तक के सावों में पार्टियों ने 400-500 मेहमानों के खाना बनाने का आर्डर बुक कराए थे। एक-दो पार्टियों ने गाइडलाइन के चलते जरुर फोन करके बोला है कि 100-125 तक का ही खाना बनाना है। अगर आने वाले दिनों में सरकार और सख्ती करेगी तो सभी के ऐसे ही फोन आते जाएंगे तो हम जैसे मजदूर लोगों का क्या होगा? खाने में सारे वो ही आयटम होते हैं जो बुक होते हैं। आयोजक मेहमानों की संख्या कम कर देंगे लेकिन मजदूरी तो उतना ही लगेगा। वैसे भी पिछले साल घर ही बैठे रहे।

जगदीश कुमावत, हलवाई
इस बार शादी-विवाह के सीजन में ग्रामीण क्षेत्रों की ग्राहकी चल रही है। ग्रामीण दिन में आकर अधिकांश खरीदारी करके शाम तक चले जाते हैं, इसलिए गाइडलाइन और सख्ती की कोई दिक्कत नहीं होती। इस बार शहरी खरीदारी जरूर प्रभावित हैं। गांव वाले भी मई-जून तक की खरीदारी के लिए आ रहे हैं, आगे के सावों की खरीदारी नहीं कर रहे।

राजेन्द्र पामेचा, गौरव सेल्स, बिजयनगर
अभी ग्रामीण क्षेत्रों के शादी, जडूला, रसोई आदि के कार्ड छप रहे हैं। शहरी क्षेत्र के मात्र 11, 21 कार्ड और पीडीएफ ही बनवा रहे हैं। सरकार सख्ती बढ़ा रही है आने वाले दिनों में क्या होगा कुछ कह नहीं सकते।
अवि जैन, स्वस्तिक प्रेस, बिजयनगर
आगामी दिनों में अच्छे सावों को देखते हुए माल मंगवा लिया है, अब सरकार की सख्ती बढ़ती जा रही है, इससे बाजार पर साफ तौर पर असर देखा जा सकता है। कपड़ा महंगा भी है और ज्यादा किराया लगकर आ रहा है। उम्मीद थी इस बार तो व्यापार चलेगा लेकिन मई, जून, जुलाई के सावों की खरीदारी को लेकर कोरोना की वजह से आशंकाएं बन गई है।

कपिल कोठारी, महारानी साड़ी पैलेस, बिजयनगर

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