गणगौर आज: सोशल डिस्टेंसिंग के साथ होगी पूजा

  • Devendra
  • 15/04/2021
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बिजयनगर। (खारीतट सन्देश) गणगौर का त्योहार गुरुवार को बिजयनगर व गुलाबपुरा सहित आसपास के ग्रामीण अचंलों में चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर का त्यौहार धूमधाम से मनाया जाता है। हालांकि गत वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते गणगौर का त्यौहार महिलाओं ने घरों पर ही मनाया था। इस वर्ष पुन: संक्रमण का खतरा बढ़ता देख प्रशासन ने बड़े आयोजनों पर पाबंदी लगा दी है। श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर के पुजारी महावीर प्रसाद ने बताया कि वैसे हर वर्ष बिजयनगर में ईसर गणगौर की भव्य सवारी निकलती है जो बड़े मंदिर से सांध्य आरती के समय शुरू होती जो देर रात्रि तक पुन: मंदिर विभिन्न मार्गों का भ्रमण कर पहुंचती थी।

इस वर्ष कोरोना के चलते ऐसा कोई भी आयोजन नहीं होगा। उन्होंने बताया कि गुरुवार सुबह 7 बजे से महिलाए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मंदिर परिसर में बनी गणगौर की प्रतिमा की पूजा-अर्चना कर सकेंगी। साथ ही महिला श्रद्धालु जैली (ईसर गणगौर की प्रतिमा) लाएंगी जिनकी यहां विधिवत पूजा अर्चना करेंगी। महावीर प्रसाद ने बताया कि रामनवमी पर दोपहर 12 बजे भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा एवं दशमी को सुबह 9 बजे नवरात्रि की पूर्णाहुति होगी।

चैत्र माह की प्रतिपदा से आरंभ हो जाता है त्यौहार
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मां पार्वती होली के दूसरे दिन अपने मायके चली गईं थीं और भगवान शिव उन्हें वापस लेने के लिए 16 दिनों बाद गए थे। इसलिए यह त्यौहार होली के दिन से यानी चैत्र माह की प्रतिपदा तिथि से आरंभ हो जाता है। इसी दिन कुंवारी लड़कियां और सुहागिन महिलाएं मिट्टी के भगवान शिव यानी गण और मिट्टी की ही माता पार्वती यानी गौर बनाती हैं और रोजाना गोर-गोर गोमती ईसर पूजे पार्वती…. का उच्चारण कर उनकी पूजा-अर्चना करती हैं। यह त्योहार 17 दिनों तक मनाया जाता है। इस पावन व्रत को सुहागिन महिलाएं अपनी पति की लंबी आयु और कुंवारी लड़कियां अच्छे वर की प्राप्ति के लिए रखती हैं।

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