राजस्थान में कोरोना की दूसरी लहर का असर पन्द्रह जिलों में अधिक

  • Devendra
  • 14/04/2021
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जयपुर। (वार्ता) राजस्थान में वैश्विक महामारी कोरोना की दूसरी लहर का कहर जारी हैं और राजधानी जयपुर सहित पन्द्रह जिलों में इसका असर अधिक देखने को मिल रहा है। हालांकि राज्य सरकार इसके नियंत्रण के लिए जरुरी एवं सख्त कदम उठा रही है।

चिकित्सा विभाग के अनुसार नये मामले करीब साढ़े पांच हजार से अधिक आने लगे हैं और सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर चालीस हजार को पार कर गई हैं। इसका सर्वाधिक असर जयपुर में देखा जा रहा है जहां मंगलवार शाम तक 987 नये मामले सामने आये। इसी तरह जोधपुर में 770, उदयपुर में 729 एवं कोटा में 616 नये मामले सामने आये। राज्य के अजमेर में 239, पाली में 206 एवं डूंगरपुर में 201 नये मामले आये। इसके अलावा अलवर, बारां, भीलवाड़ा, बीकानेर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, सिरोही एवं टोंक में सौ से अधिक नये मामले सामने आये। शेष जिलों में कोरोना का ज्यादा प्रभाव नहीं हैं। प्रदेश में केवल चुरु जिला ऐसा हैं जहां मंगलवार को कोई नया मामला सामने नहीं आया जबकि राज्य में 5528 नये मामले आये। राज्य में दूसरी लहर के तेजी से बढ़ने से जहां सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 40 हजार 690 पहुंच गई वहीं इससे 28 और लोगों की मौत हो जाने से इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 2979 हो गई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार कोरोना स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और इसकी समीक्षा बैठक बुलाकर जरुरी निर्देशों के साथ लोगों से लॉकडाउन की तरह संयमित व्यवहार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोविड की दूसरी खतरनाक लहर से प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा में राज्य सरकार कोई कमी नहीं रखेगी।

चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि संक्रमण के प्रसार को रोकने में चिकित्सा विभाग अन्य विभागों के साथ पूरी मुस्तैदी से जुटा है। कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम, आईसीयू बैड, वेन्टीलेटर तथा सुविधाओं को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर की भयावहता के मद्देनजर जनता का सहयोग बेहद जरूरी है और उन्हें इस कठिन दौर में कोविड गाइडलाइन की पालना में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। शिक्षा राज्यमंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने राजस्थान को कोरोना की लड़ाई में सबसे आगे बताते हुए कहा कि इसकी दूसरी लहर की विकट परिस्थितियों में हमें और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में 996 माइक्रो कन्टेनमेन्ट जोन चिह्नित किए गए हैं। गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर संयुक्त दलों द्वारा 398 परिसरों को सीज किया गया है। इसके साथ ही होम आइसोलेशन की पालना नहीं करने वाले 63 लोगों को संस्थागत क्वारेंटाइन में भेजा गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के शासन सचिव वैभव गालरिया ने बताया कि आवश्यकता के अनुरूप प्रदेश के सभी जिलों के कोविड अस्पतालों में अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शासन सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि जिन रोगियों में गंभीर लक्षण नहीं है, उनके लिए डे केयर सेन्टर बनाए जा रहे हैं। निजी अस्पतालों में बैड आरक्षित रखने की सीमा को बढ़ाया गया है। रेमेडिसिविर दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कम्पनियों से लगातार सम्पर्क में हैं। संक्रमण दर जो करीब तीन सप्ताह पहले दो प्रतिशत के आस-पास थी, वह अब सात प्रतिशत से अधिक हो गई है। मामले दुगने होने का समय भी अब केवल 73 दिन ही रह गया है। पिछले 12 दिन में पांच लाख 16 हजार सैम्पल लिए गए हैं। सोमवार को एक ही दिन में 59 हजार सैम्पल लिए गए। आरयूएचएस के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी, चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. वीरेन्द्र सिंह तथा अन्य चिकित्सकों ने बताया कि यह वायरस युवाओं और बच्चों को भी संक्रमित कर रहा है। इसके संक्रमण की रफ्तार काफी तेज होने के साथ ही अधिक घातक है। उन्होंने कहा कि संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए अधिक सख्त एवं कारगर कदम उठाने की जरुरत है।

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