10 हजार 500 हेक्टेयर बुवाई का लक्ष्य

  • Devendra
  • 17/06/2021
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बिजयनगर सहायक कृषि अधिकारी परिक्षेत्र
बिजयनगर। (खारीतट सन्देश) आगामी दिनों में राज्य में मानसून प्रवेश कर जाएगा, इसी के साथ किसान भाई भी खेतों में अति व्यस्त हो जाएंगे। कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर के असर से किसान भी अछूते नहीं रहे। ऐसे में इस बार किसान भाई भी अच्छी फसल लेने के विचार में है साथ ही मानसून से भी अच्छी उम्मीदें हैं। बिजयनगर सहायक कृषि अधिकारी मीना चौधरी ने बताया कि कार्यालय के अधीन क्षेत्र की ७ ग्राम पंचायतों के 25 गांवों में 10 हजार 500 हेक्टेयर खरीफ की फसल की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है जिसमें सर्वाधिक ज्वार, ग्वार, उड़द, मक्का, मूंग और कपास है। चौधरी ने बताया कि पिछले वर्षों में सर्वाधिक कपास की बुवाई हुआ करती थी, लेकिन चारे और बीज के हिसाब ज्वार और ग्वार की बुवाई का चलन बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों ताऊते तूफान के हुई बारिश के चलते क्षेत्र के 15 फीसदी किसानों ने तकरीबन 60-70 हेक्टेयर भूमि पर ग्वार की बुवाई तक कर दी है। उन्होंने बताया कि जब तक क्षेत्र में 15-20 सेंटीमीटर बारिश नहीं हो जाती है तब तक किसानों को खेतों में बुवाई नहीं करनी चाहिए, क्योंकि कम बारिश में बीज जाने की पूरी संभावना रहती है।

खेतों की गहरी जुताई जरूरी
मीना चौधरी ने बताया कि अभी मानूसनी बारिश में कुछेक दिनों का अंतराल है, ऐसे में खाली पड़े खेतों में गहरी जुताई करके पाटा चला दे ताकि मिट्टी के डले आसानी से फूट कर बिखर जाए ताकि डलों की वजह से बीज खराब न जाए। गहरी जुताई करने और पाटा चलाने से मिट्टी की नमी बनी रहती है। खेतों में कल्टी से जुताई के बाद पाटा चलाना जरूरी है।

निर्धारित मात्रा में ही डाले बीज
चौधरी ने बताया कि अमूमन देखने में आता है कि किसान भाई खेतों में मात्रा से अधिक संख्या में बीज की बुवाई कर देते है, इससे बीज का अपव्यय ही होता है। बुवाई करने से पूर्व उद्यानिकी विभाग या फिर कृषि अधिकारी कार्यालय में सम्पर्क कर पूरी जानकारी लेकर ही निर्धारित मात्रा में खेतों में बीजों की बुवाई करनी चाहिए। चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में ज्वार, ग्वार, उड़द और मूंग की ज्यादा बुवाई की संभावना है जिसमें ज्वार की फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 10 किलो बीज डालना चाहिए। अधिक चारे के लिए प्रति हेक्टेयर अधिकतम 40 किलो बीज डाला जा सकता है। इसी प्रकार ग्वार के लिए 15-20 किलो प्रति हेक्टेयर, उड़द के लिए 12-15 किलो प्रति हेक्टेयर और मूंग के लिए 15-20 किलो प्रति हेक्टेयर बीज डालना चाहिए।

प्रमाणित बीज को उपचारित कर ही करें बुवाई
चौधरी ने बताया कि किसान भाईयों को खरीफ फसल की बुवाई के लिए प्रमाणित बीज ही काम में लेना चाहिए, इसके लिए बीज खरीदते समय उसका बिल अवश्य लें, ताकि उसमें सभी आवश्यक जानकारी इन्द्राज होती है जिससे बीज की कम्पनी, गुणवत्ता की जानकारी हो। बीज बुवाई से पूर्व उसे उपचारित अवश्य करें। कोई जानकारी चाहिए तो कृषि पर्यवेक्षक से सम्पर्क कर सकते हैं। खेत में उर्वरक और खाद्य मापदण्डों के आधार पर ही दे। जो किसान भाई बाजरा और मूंग बोना चाहते हैं तो वो सम्बंधित कृषि पर्यवेक्षक से बीज गांव योजना के तहत अनुदानित दरों पर खरीद सकते हैं।

15 जुलाई तक कराए बीमा
चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान भाई अपने खेतों में बोई गई फसल की बीमा 15 जुलाई तक जिस बैंक में केसीसी करवाई गई है वहां जाकर बीमा करवा ले। बीमा करवाते समय यह ध्यान अवश्य दें कि बीमा में कौन सी फसल का इन्द्राज है, जो फसल बो रहे हैं, उसी का इन्द्राज करवाएं। बीमा से सम्बंधित यदि कोई समस्या आती है तो बीमा कम्पनी के तहसील कोआर्डिनेटर प्रेमचन्द 9414154246 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

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