मेरा छोटा सा परिवार, प्रभु आ जाओ एक बार…

  • Devendra
  • 22/07/2021
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हर्षोल्लास के साथ हुआ श्री विजयराज जी म.सा. ससंघ का चातुर्मास प्रवेश
बिजयनगर। पूज्य प्रवर्तक गुरु पन्ना की पावन नगरी बिजयनगर में रविवार प्रात: प्रकृति के मनोरम छटा के बीच हुक्मगच्छीय आचार्य पाठ परम्परा के वर्तमान संघनायक नानेश पट्टधर, जिनशासन गौरव प्रज्ञानिधि श्री विजयराज जी म.सा., महास्थिवर श्रमणश्रेष्ठ श्री शांतिमुनि जी म.सा. आदि ठाणा-9 एवं शासन प्रभाविका आत्मबली परम विदुषी महासती श्री अनोखा कंवर जी म.सा. आदि ठाणा-14 का मंगलप्रवेश महावीर भवन में हुआ। जहां से महासतियां मंडल स्वाध्याय भवन पहुंचे। वहीं प्रन्यास प्रवर जिनांगयशविजय जी, मुनिवर ज्ञानयशविजय जी महाराज एवं श्रमणयशविजय जी महाराज ने गुलाबपुरा से विहार कर राजनगर से चातुर्मासिक प्रवेश करते हुए श्री संभवनाथ जैन मंदिर पहुंचे। इस दौरान प्रात: बिजनगर में धर्ममयी वातावरण बना रहा जिधर देखों उधर श्रावकगण जैन ध्वज की दुपट्टा डाले श्वेत वस्त्रों में तो महिलाएं लाल चूंदड़ी की साड़ी पहने प्रवेश कार्यक्रम में शिरकत करते दिखाई दिए।

प्रात: 9 बजे श्री प्राज्ञ महाविद्यालय से विहार कर प्रज्ञानिधि श्री विजयराज जी म.सा., श्री शांतिमुनि जी म.सा., विद्वान तपस्वी सेवाभावी श्री विनोदमुनि जी म.सा., श्री नवीनप्रज्ञ जी म.सा., श्री धैर्यमुनि जी म.सा., श्री जागृतमुनि जी म.सा., श्री अनुपम मुनि जी म.सा., श्री विदित मुनि जी म.सा. तरुण तपस्वी श्री दिव्य मुनि जी म.सा. ठाणा-9 एवं परम विदुषी महासती श्री अनोखा कंवर जी म.सा., शासन प्रभाविका चिंतनशीला महासती श्री वसुमति जी म.सा., शासन प्रभाविका विदुषी श्री तारा कंवर जी म.सा., शासन प्रभाविका परम विदुषी महासती श्री पदमश्री जी म.सा. आदि ठाणा-14 चातुर्मासिक विहार करते हुए नगरपालिका प्रवेश द्वार पहुंचे जहां पालिकाध्यक्ष अनिता मेवाड़ा, उपाध्यक्ष प्रीतम बड़ौला और पूर्व पालिकाध्यक्ष इन्द्रजीत मेवाड़ा सहित पार्षदों ने संत-सतियों का स्वागत किया।

तत्पश्चात संत-सतियां पीपली चौराहे पहुंचे जहां प्रन्यास प्रवर जिनांगयशविजय जी, मुनिवर ज्ञानयशविजय जी महाराज एवं श्रमणयशविजय जी महाराज ने श्री विजयराज जी म.सा. सहित संत मंडल से श्री संभवनाथ जैन मंदिर में पदार्पण की विनती की, इस पर आचार्य श्री विजराज जी म.सा. ने विनम्रता से विनती स्वीकार करते हुए ससंघ श्री संभवनाथ जैन मंदिर पहुंचे और मांगलिक देने के पश्चात मंदिर के बाहर आचार्य श्री ने सभी संत, सतियों से परिचय कराया और मुनि श्री के साथ संक्षिप्त धार्मिक चर्चा की।

यहां से महावीर भवन चातुर्मास प्रवेश के लिए रवाना हुए इस दौरान मार्ग में जगह-जगह श्रावक-श्राविकाएं संतों की अगुवानी करने के लिए पलक पावड़े बिछाए खड़े थे, वहीं प्रवेश के दौरान श्रावक श्राविकाएं ‘हुं शी ऊँ चो श्री जग नाना, विजय चमक रहे सूर्य समाना…, जय-जयकार-जय-जयकार विजय गुरु की जय-जयकार…, देखों-देखों कौन है आए, भक्तों के भगवान है आये… और पूज्य प्रवर्तक दीनदयाल धन्य-धन्य गुरु पन्ना लाल के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे।’ विहार मार्ग को देखकर ऐसा लग रहा था मानो आज कोई समवसरण हो रहा हो, अर्थात् जैसे भगवान का स्वागत हो रहा हो। सभी संत सतियां विवेकानन्द चौक होते हुए महावीर भवन पहुंचे जहां संत-सतियां पाटों पर विराजे और सामूहिक रुप से विजयराज जी म.सा. के नेतृत्व में ‘नवकार मंत्र महामंत्र है, इस मंत्र की महिमा भावी है’ प्रार्थना की और गुरुदेव श्री पन्नालाल जी म.सा. पर 11 दिवसीय मौन साधना में स्वरचित भजन लिखा जिसकी प्रस्तुति दी।

तत्पश्चात स्थानीय संघ मंत्री ज्ञानसिंह सांखला ने अपना संबोधन देते हुए प्रवेश महोत्सव के तहत प्रस्तुति देने आए समाज के युवा-युवतियों को आमंत्रित कर प्रस्तुति देने को कहा। कार्यक्रम की कड़ी में सक्षम श्रीश्रीमाल, वैभव बाबेल और पलक रांका ने ‘मेरा छोटा सा परिवार, प्रभू आ जाओ एक बार, आया-आया-आया चौमासा है आया, शासन में हो सरताज, कैसा जादू किया है तुमने गुरुवर’ की प्रस्तुति सुनकर प्रसन्नचित्त मुद्रा में श्री विजयराज जी म.सा. ने दोनों कलाकारों को हाथों से इशारे करते हुए समझाया कि तुम दोनों मेरे बगल में आकर बैठ जाओ।
संतों के प्रवेश के लिए लगाए स्वागत द्वार
प्रज्ञानिधि श्री विजयराज जी म.सा. सहित अन्य संतों के मंगल प्रवेश से पूर्व शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और परिवारों ने संतों के प्रवेश मार्ग पर जगह-जगह स्वागत द्वार बनाकर स्वागत के पर्दे लगाए और शहर भर के विभिन्न मार्गो पर संतों के प्रवेश पर हार्दिक शुभकामनाएं के बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए। वहीं प्रवेश मार्ग के दोनों ओर रंग-गुलाल से आकर्षक लाईनिंग की गई। इस दौरान श्रावक-श्राविकाओं के लिए पेयजल की व्यवस्था की गई।
इन्होंने की शिरकत
श्री विजयराज जी म.सा. के चातुर्मासिक प्रवेश के दौरान बिजयनगर-गुलाबपुरा के जैन सोशल ग्रुप, जैन सोशल यूथ, श्री प्राज्ञ जैन युवा मंडल, नानक प्राज्ञ युवा मंडल, तेरापंथ समाज, भारतीय जैन संघठना, लोढ़ा भाईपा, वद्र्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, महावीर इंटरनेशनल, भारत विकास परिषद, दिगम्बर जैन समाज, मूर्ति पूजक संघ, लायंस क्लब बिजयनगर रॉयल, जैन प्रगति ग्रुप सहि कई संस्थाओं और समाजों के प्रतिनिधि एवं चैन्नई, मुम्बई, रायपुर, नीमच, मन्दसौर, चित्तौडग़ढ़, भीलवाड़ा, ब्यावर, अजमेर, उदयपुर, किशनगढ़, जयपुर, कानोड़, बीकानेर, रतलाम, इन्दौर आदि अनेक स्थानों से श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित हुए।
ये होंगे कार्यक्रम
महावीर भवन में आचार्य श्री द्वारा प्रतिदिन प्रात: 6:30 से 7:30 अरिहंत बौद्धिक क्लास एवं दोपहर 3:30 महामांगलिक दी जाएगी।

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