स्वीकृत 10 आए 11

बिजयनगर राजकीय चिकित्सालय में एक बार फिर चहल-पहल बढऩे लगी है। चिकित्सकों की नियुक्ति के बाद अब यहां धीरे-धीरे ओपीडी बढऩे लगा है। अब यहां के लोगों को अन्यत्र उपचार कराने नहीं जाना पड़ेगा। इतना जरूर है कि गायनिक चिकित्सक की भी यहां नियुक्ति हो जाए तो सोने में सुहागा वाली बात हो सकती है..
बिजयनगर। (खारीतट सन्देश) बिजयनगर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों को उपचार के लिए अब भीलवाड़ा, अजमेर नहीं जाना पड़ेगा। अब बिजयनगर राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सकों के सभी रिक्त पदों पर चिकित्सकों की नियुक्ति हो गई है। यहां तक कि इस अस्पताल में चिकित्सकों के दस पद रिक्त हैं जबकि यहां 11 चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है। हालांकि यहां गायनिक चिकित्सक की नियुक्ति का अभी इंतजार है। वहीं दो चिकित्सक यहां ज्वाइन करने के बाद नहीं लौटे हैं। चिकित्सालय में चिकित्सकों की नियुक्ति के बारे में जैसे-जैसे जानकारी आमजन तक पहुंच रही है, मरीज भी यहां पहले से अधिक संख्या में उपचार कराने आने लगे हैं। इसका श्रेय शहर के सामाजिक संगठनों और स्थानीय विधायक राकेश पारीक को जाता है।

चिकित्सालय प्रभारी डॉ. शिवराम मीणा ने बताया कि मसूदा विधायक राकेश पारीक के प्रयासों के चलते 2019 से अब तक दर्जनभर चिकित्सकों को यहां स्थानांतरित कर लगाया गया, लेकिन इनमें से मात्र 4 चिकित्सक ही चिकित्सालय में नियमित रूप से ड्यूटी दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि चिकित्सालय में स्वीकृत 10 चिकित्सकों के पदों के समक्ष 11 चिकित्सकों की नियुक्ति विभाग द्वारा कर दी गई है जिसमें एक सर्जन, एक शिशु रोग विशेषज्ञ, एक फिजिशियन, दो दंत रोग विशेषज्ञ, एक नेत्र रोग विशेषज्ञ, एक मेडिकल ऑफिसर, दो वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी एवं दो फिजिशियन है जो ड्यूटी ज्वाइन करके बिना कारण बताए अभी तक वापस नहीं आए हैं।

जब चिकित्सा प्रभारी चुस्त तो हॉस्पीटल भी होगा दुरुस्त
सूत्रों के अनुसार बिजयनगर चिकित्सालय प्रभारी एवं सर्जरी के सिद्धहस्त डॉ. शिवराम मीणा पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक बीते सप्ताह में डॉ. मीणा ने 7 सर्जरी के केस किए हैं, डॉ. मीणा पूर्व में बिजयनगर में मोबाइल यूनिट के मार्फत लगने वाले चिकित्सा शिविरों में सेवाएं देते आए हंै, इसलिए पूरे अनुभव के साथ वे मरीजों के इंतजार में रहते है। डॉ. मीणा ने बताया कि बीते सप्ताह में मसूदा क्षेत्र के कई गांवों के पेशेंट आए थे, जिनका उपचार किया गया। हॉस्पीटल में अब डॉक्टर आ चुके हैं, इसकी जानकारी जैसे-जैसे फैलेगी वैसे-वैसे मरीज आना शुरू होंगे। डॉ. मीणा ने बताया कि चिकित्सालय में जो भी पेशेंट आए अगर वो खुश और स्वस्थ होकर घर जाए तो उनको बहुत खुशी होती है।

दो दंत विशेषज्ञ को लेकर चर्चा
सूत्रों के मुताबिक शहर में यह चर्चा आम है कि स्थानीय राजकीय चिकित्सालय में कोरोना काल में भी जब आवश्यक विशेषज्ञों के पद रिक्त थे, ऐसे समय में भी विभाग द्वारा दो-दो दंत रोग विशेषज्ञ चिकित्सक को यहां लगाए रखने का क्या औचित्य था? जबकि अभी भी गायनिक चिकित्सक का पद रिक्त है।

अब जाकर बदले हैं हालात…
एक समय था जब बिजयनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में सर्जन, फिजिशियन चिकित्सक सहित कई चिकित्सक के पद रिक्त थे। सितम्बर २०१९ में पांच चिकित्सकों का तबादला यहां के लिए किया गया जिसमें से सर्जरी के सिद्धहस्त डॉ. शिवराम मीणा सर्जन के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा चार चिकित्सकों ने यहां ज्वाइन नहीं किया। इसके बाद तीन मेडिकल ऑफिसर का तबादला वर्ष 2020 में यहां के लिए किया गया जिनमें से डॉ. मुकेश के अलावा दो अन्य चिकित्सक डॉ. अनिता गुर्जर और डॉ. अंजू चौधरी ने अपना तबादला अन्यत्र करवा लिया। वहीं वर्ष 2021 में पुन: यहां के लिए तीन फिजिशियन एवं एक शिशु रोग विशेषज्ञ का तबादला किया गया, जिसमें से डॉ. गोपाल गुर्जर, डॉ. कमलेश कुमार ने ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद दुबारा यहां नहीं आए। वहीं डॉ. शैतान सिंह एवं डॉ. दायालाल सोलंकी ड्यूटी ज्वाइन कर यहीं सेवाएं देने का मानस बना चुके हैं। वर्तमान में डॉ. शैतानसिंह ओपीडी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, वहीं डॉ. दयालाल स्वास्थ्य खराब होने के चलते कुछ दिनों के अवकाश के बाद पुन: ओपीडी में सेवाएं देंगे।

मुस्तैद हैं फिजिशियन शैतान सिंह
डॉ. शिवराम मीणा ने बताया कि जब से फिजिशियन डॉ. शैतानसिंह ने यहां ज्वाइन किया है, मेरा काम कुछ हद तक हल्का हुआ है। इससे पहले मैं पहले ओपीडी में ही बैठा रह जाता था, उन्होंने पूरी ओपीडी संभाली हुई है, जिससे मुझे बाकी व्यवस्थाओं को देखने का समय मिल जाता है।

ओपीडी का ग्राफ भी बढऩे लगा
बीते दो वर्षों में कोरोना संक्रमण और चिकित्सकों के अभाव के चलते जहां चिकित्सालय का ओपीडी ग्राफ कुछ कम चल रहा था वो इन दिनों पुन: धीरे-धीरे बढऩे लगा है। साथ ही बीते दो वर्षों बाद पुन: फिजिशियन की सेवाएं शुरू होने से मरीजों की आवाजाही भी बढऩे लगी है।

अस्पताल में हो रहे नि:शुल्क नेत्र ऑपरेशन
मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के अन्तर्गत लेंस एवं दवाईयों की व्यवस्था होने के बाद बीते कुछ समय से स्थानीय राजकीय चिकित्सालय में नि:शुल्क मोतियाबिन्द के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इसका लाभ आमजन को मिल रहा है। डॉ. मीणा ने अधिक से अधिक आमजन को इसका फायदा लेने की अपील की है।

विधायक जी गायनिक डॉक्टर ले आए तो क्या कहना…
चिकित्सालय प्रभारी डॉ. मीणा ने कहा कि चिकित्सालय को चलाने में अहम चिकित्सकों में से और तो सभी यहां आ गए बस एक गायनिक डॉक्टर और आ जाए तो दुबारा पहले जैसी चहल-पहल शुरू हो जाएगी और क्षेत्र के जरुरतमंद लोगों को बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। वर्तमान में यहां सर्जन, निश्चेतन विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हैं। यदि गायनिक और आ जाए तो यहां सर्जीकल डिलेवरी भी हो सकेगी।

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