सुधार लाने हो तो शासन को नियम बदलने होंगे: एमपी सिंह

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में शुक्रवार हो हुये सड़के हादसे में दुर्घटनाग्रस स्कूल बस की जांच करने के पश्चात आज इंदौर के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) एम पी सिंह ने कहा कि बस का फिटनेस सर्टिफिकेट शासन के नियमों के अनुसार ही जारी किया गया था।

उन्होंने 15 वर्ष पुरानी बस को दस दिन पूर्व ही फिट करार दिए जाने और हादसा हो जाने पर कहा कि यदि सुधार करना है, तो शासन को नियम बदलने होंगे। सिंह ने कल गृह मंत्री के आदेश पर घटना की जांच कर रिपोर्ट में दुर्घटना का कारण बस का स्टेयरिंग फेल हो जाना बताया था।

ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जो बस दस दिन पूर्व फिट थी, उसका स्टेयरिंग फेल कैसे हो गया। सिंह ने आज संवाददाताओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए बताया कि इस संबंध में शासन का नियम है कि 20 वर्षों तक की पुरानी बसों को फिटनेस सर्टिफिकेट दिया जा सकता है।

लिहाजा दुर्घटनाग्रस्त बस को भी सर्टिफिकेट दिया गया था। उन्होंने बस की बदहाल स्थिति पर कहा कि हम शासन के नियमों से बंधे हुए हैं, यदि इस दिशा में सुधार करना है तो शासन को अपनी नीति में बदलाव करना होगा।

सिंह ने कहा कि फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने के समय बस फिट होगी। इंदौर आरटीओ ने ही दुर्घटनाग्रस्त हुई बस का सर्टिफिकेट गत 26 दिसंबर को जारी किया था। दुर्घटनाग्रस्त बस के मालिक दिल्ली पब्लिक स्कूल के संचालक के पास बस के वैधानिक संचालन के सम्बन्ध में सभी दस्तावेज मौजूद होने की पुष्टि भी श्री सिंह ने की है।

तकनीकी जानकार और ऑटोमोबाइल इंजीनियर गौरव निगम ने बताया कि सुरक्षा मानकों पर बस इंजन की कई जांचें होती हैं। ऐसे में अचानक स्टेयरिंग फेल होने की स्थिति नहीं बनती। स्टेयरिंग में खराबी होने पर कम से कम 15 दिन पहले से बस चालक को बस चलाते समय तकनीकी गड़बड़ी का अनुभव हो जाता है।

ऐसे में 10 दिन पूर्व बस को आरटीओ द्वारा फिट करार दिया जाना कई संदेह को जन्म देता हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर आरटीओ ने कहा कि अतिरिक्त जिला कलेक्टर रुचिका चौहान इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच कर रही हैं। जांच रिपोर्ट में सच सामने आ जायेगा।

दुर्घटनाग्रस्त बस की जांच करने हेतु अतरिक्त पुलिस महानिदेशक यातायात विजय कटियार और इंदौर के उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिनारायणचारि मिश्र भी मौके पर पहुंचे थे। दोनों ने प्रथम दृष्टया जांच में बस के 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार में होने को दुर्घटना का कारण बताया है। अन्य पहलुओं पर तकनीकी जांच के बाद स्थिति स्पष्ट करने की बात कही है।

शुक्रवार शाम इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र के मर्दाना-बिचौली बायपास पर दिल्ली पब्लिक स्कूल की बस सामने से आ रहे ट्रक से भिड़ंत हो गई थी। इस दुर्घटना में बस में सवार चार छात्रों सहित बस चालक की मौत हो गई है। बस में सवार आठ अन्य छात्र सहित बस का सहचालक गंभीर घायल हो गया था। मामले में कनाड़िया थाना पुलिस ने मृत चालक सहित अन्य के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खण्डपीठ के समक्ष आज इस मामले में इंदौर की यातायात पुलिस, नगर निगम, जिला प्रशासन, आरटीओ और क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध एक जनहित याचिका भी दायर की गई है।

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