कार, करार और ‘कारनामा’

बहुचर्चित लग्जरी कार घोटाला : परस्पर मुकदमे दर्ज, गुत्थी और उलझी
फाइनेेंस के नाम पर कार के करार पर कारनामा हो गया। इस कारनामे की पटकथा में यूपी के नोएडा, हरियाणा के साथ बिजयनगर के युवक भी शामिल हैं। दर्जन भर से अधिक लग्जरी कारों के करार पर जिस तरह कारगुजारियां की गईं, उसे जानकर बिजयनगर के लोग भौंचक्के रह गए। कार और करारबाजों के शह और मात में इन लग्जरी कारों में लगी जीपीएस सिस्टम ने पोल खोल दी…। खारीतट संदेश की रिपोर्ट…

बिजयनगर। गत दिवस स्थानीय रीको औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक इण्डस्ट्री में बिजयनगर पुलिस की इमदाद से यूपी पुलिस की दबिश के बाद सुर्खियों में आए लग्जरी कार घोटाला की गुत्थी और उलझ गई है। मामले में ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद सहित यूपी के अन्य शहरों से यहां पहुंचे कुछ लोगों का आरोप है कि बिजयनगर के तीन रईस युवकों ने उनके साथ ठगी और धोखाधड़ी कर लूट की वारदात को अंजाम दिया है।

वहीं मामले में आरोपित स्थानीय व्यापारी युवकों का कहना है कि वो तो खुद ठगी के शिकार हुए हैं और मामले में बड़ी धन राशि गंवा चुके हैं। बहरहाल, बिजयनगर के फाइनेंसर युवक विनोद अग्रवाल (नागौरी) और रोहित कोठारी ने यूपी के गौतमबुद्ध थाने में यूपी के ही छह जनों के खिलाफ जालसाजी कर रकम ऐंठने का आरोप लगाते हुए एक प्राथमिकी दर्ज करवाई है। वहीं यूपी के दो युवकों ने बिजयनगर निवासी विनोद अग्रवाल (नागौरी), रोहित कोठारी, सोनू गोधा सहित यूपी के एक युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

बिजयनगर पुलिस ने घोटाला उजागर होने के बाद 14 लग्जरी कारें बरामद कर थाने में खड़ा करवा दिया है। इन वाहनों का निस्तारण होने के बाद न्यायिक आदेश से वास्तविक मालिक के सुपुर्द किया जाएगा। स्थानीय आरोपियों की धरपकड़ के लिए बिजयनगर पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों व निवास स्थानों पर दबिश दी लेकिन वे हाथ नहीं लगे।

गत दिवस यूपी के इकोटेक तृतीय थाना के सब इंस्पेक्टर बिजेन्द्र मय जाप्ता बिजयनगर पहुंचे और स्थानीय पुलिस की इमदाद के साथ यहां रीको औद्योगिक क्षेत्र में एक इण्डस्ट्रीज पर दबिश देकर वहां खड़ी यूपी और हरियाणा नम्बरों की 14 लग्जरी कारों को बरामद कर बिजयनगर थाने में खड़ा करवाया। चूंकि इन बरामद कारों में एक कार चोरी की थी। जिसे यूपी पुलिस अपने साथ यूपी ले गई तथा शेष वाहन यहीं थाने में खड़े हैं।

मामला उजागर होने के बाद स्थानीय फाइनेंसर विनोद अग्रवाल (नागौरी) और रोहित कोठारी ने यूपी के गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा सेक्टर-20 थाने में विक्रांतसिंह व शुभम चौधरी निवासी सहारनपुर तथा इसी थाना क्षेत्र के निवासी दुष्यन्त तोमर, राहुल चन्देला, दीपक भाटी व सोनू सक्सेना सहित छह जनों के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 420 व 120-डी के तहत एक मुकदमा दर्ज करवाया।

इसमें विनोद अग्रवाल (नागौरी) व रोहित कोठारी ने बताया कि आरोपी 02-बी-27 में आईटी कम्पनी में कार्य करते हैं। इनमें से हम सहारनपुर निवासी विक्रांतसिंह व शुभम चौधरी को एक वर्ष से जानते हैं।

यह पुरानी गाड़ी गिरवी रखकर फाइनेंस का काम करते हैं। इन्होंने हमसे कहा कि आप हमारी गाडिय़ां गिरवी रखकर फाइनेंस कर दो। हमें पैसों की जरूरत है। और जो गाडिय़ां हम आपके गिरवी रख रहे हैं व खरीदशुदा है व हमारे कब्जे में हैं। इन गाडिय़ों के असल दस्तावेज भी हमारे पास हैं। यदि आप पैसा उधार देते हो तो गाड़ी का विक्रय का एग्रीमेंट आपके नाम करा देंगे। इसके अलावा असल दस्तावेज भी आपको सौंप देंगे।

आरोपियों ने यह भी कहा कि जितनी रकम उधार देंगे उतने ही राशि का चेक दिला देंगे तथा तीन-चार माह बाद मय ब्याज रकम लौटाकर गाडिय़ां वापस ले लेंगे। यदि भुगतान नहीं कर सके तो गाडिय़ां आपके नाम ट्रांसफर करवा देंगे।

इस पर विक्रांतसिंह, शुभम चौधरी, दुष्यन्त तोमर, राहुल चन्देला, दीपक भाटी व सोनू सक्सेना के कहने पर हमने 25 वाहनों पर फाइनेंस कर दिया। अब हमें पता चला है कि हमारे साथ विक्रांतसिंह व उसके साथियों ने धोखाधड़ी की तथा गाडिय़ों के मालिक हमें नाजायज रूप से परेशान कर रहे हैं। विक्रांतसिंह अपने सभी साथियों सहित फरार हो गया है उसका फोन भी बंद है। जिन गाडिय़ों पर हमने फाइनेंस किया है वह हमारे बिजयनगर स्थित गोदाम में हमारे कब्जे में है तथा कानूनी रूप से हम ही इनके मालिक है।

दूसरी ओर लग्जरी कारें बरामद होने के बाद यूपी के ग्रेटर नोएड़ा निवासी ब्रह्मप्रकाश गुर्जर व सूरजसिंह ने स्थानीय निवासी विनोद अग्रवाल (नागौरी), रोहित कोठारी व सोनू गोधा और सहारनपुर (यूपी) निवासी विक्रांतसिंह के खिलाफ बिजयनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बताया गया है कि उक्त चारों आरोपियों ने दिल्ली में वीसी कैब नाम से एक फर्म खोलकर इसका ऑफिस बनवाया था।

इस ऑफिस के जरिए ये लग्जरी कारों के मालिकों से किराए पर गाड़ी लेकर उन्हें यहां बिजयनगर पहुंचाते रहे। हम लोग इनकी ठगी और धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। अत: आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर हमें हमारी गाडिय़ां लौटाई जाए। बिजयनगर पुलिस ने चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यूं हुआ खुलासा
पीडि़त कार मालिकों का कहना है कि उन्होंने जीपीएस सिस्टम से लैस अपनी कारें ग्रेटर नोएडा निवासी दीपक भाटी को 20 से 70 हजार रुपए मासिक किराए से चलाने के लिए दी थी लेकिन जब किराया की राशि नहीं पहुंची तो उन्होंने तकाजा किया और अपने वाहन लौटाने का दबाव बनाया। इस पर उन्हें कुछ दिन झांसा देता रहा।

इसी बीच दीपक भाटी के साथी विक्रांतसिंह व दुष्यन्त के परिजनों ने पुलिस में उन दोनों के लापता हो जाने की गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी बीच दीपक भाटी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सारा राजफाश कर दिया। उसके बाद लग्जरी कारों में जीपीएस सिस्टम लगा होने से यूपी पुलिस को कारों के बिजयनगर स्थित एक गोदाम में खड़ा होने की जानकारी मिली।

इनमें से एक कार चोरी की भी शामिल थी। इसके बाद बिजयनगर पुलिस व यूपी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर गाडिय़ों को बरामद किया।

पीडि़त पहुंचे बिजयनगर
एक जनवरी से बिजयनगर में डेरा डाल चुके यूपी के नोएडा, गाजियाबाद व हरियाणा के फरीदाबाद के किशनचन्द, विजय, दीपक नागर, टिंकू भाटी, अनूप कसाणा, महेश भाटी, सौपाल, सुन्दर नागर, सुरेन्द्रसिंह भाटी, सूबैसिंह, संदीप, विजयपाल का कहना है कि बिजयनगर के निवासी विनोद अग्रवाल (नागौरी), सोनू गोधा, रोहित कोठारी, विक्रांत व उसके साथियों ने हमारे साथ धोखाधड़ी कर हमारी कारों को अपने कब्जे में ले लिया।

इसके बावजूद बिजयनगर पुलिस आरोपियों के प्रभाव में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इनमें से एक पीडि़त विजय ने बिजयनगर पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस उन्हें यह कह कर गुमराह कर रही है कि आरोपी फरार है और उन्हें तलाश किया जा रहा है। जबकि हकीकत यह है कि जब आरोपी फरार है तो गाडिय़ों की चाबियां पुलिस के हाथ कैसे लगी?

छलके आंसू
कार घोटाला होने के बाद यहां पहुंचे यूपी के एक युवक ने जब अपनी दास्तां सुनाई तो उसके आंसू छलक पड़े। उसने बताया कि जैसे तैसे रकम जोड़कर कार खरीदने के लिए फाइनेंस करवाया था। अब उसके पास कार नहीं होने के कारण फाइनेंस की किश्त के लिए फाइनेंसर उसे परेशान कर रहा है।

धोखाधड़ी नहीं की
हमने किसी प्रकार की धोखाधड़ी नहीं की है, हमारा कसूर सिर्फ इतना है कि हमने मय दस्तावेज गाडिय़ां गिरवी रखकर दो करोड़ का फाइनेंस आरोपियों को किया था। जो लोग बिजयनगर पहुंचकर पुलिस पर हमारे खिलाफ कार्रवाई का दबाव बना रहे हैं वे विक्रांतसिंह के ही आदमी है।
विनोद अग्रवाल (नागौरी), बिजयनगर

किया था फाइनेंस
आरोपियों को हमने गाडिय़ां गिरवी रखने पर फाइनेंस किया था। जिसका ब्याज नवम्बर के बाद से नहीं मिला। इस पर मैं विक्रांतसिंह को तलाशता हुआ उसके निवास सहारनपुर पहुंचा तो वह नहीं मिला। इस पर पुलिस के दखल के बाद विक्रांतसिंह से सम्पर्क हुआ तो उसने पैसा चुकाने के लिए सात दिन की मोहलत मांगी तभी से वह फरार चल रहा है।
रोहित कोठारी, बिजयनगर

जारी है जांच
मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा जांच जारी है। बरामद की गई कारों का निर्णय अदालत करेगी।
भवानीसिंह, थानाधिकारी, बिजयनगर

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