हाथ व अंगुलियों की विशिष्ट रचना का प्रभाव

  • Devendra
  • 23/06/2022
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बिजयनगर। इस अंक में हम आपको अधिवक्ता (वकील) एवं न्यायाधीश के योगों की हस्त रेखा के आधार पर जानकारी देना चाहते हैं और यह बताना चाहते हैं कि किस प्रकार की रेखाओं एवं चिन्हों के आधार पर वकील एवं न्यायाधीश के कॅरियर का निर्माण होता है।
गत अंक में हस्त रेखा के आधार पर हमने डॉक्टर एवं इंजीनियर बनाने वाले रेखाओं और चिन्हों का वर्णन किया था। यह बात हमें ध्यान में रखनी होगी कि उच्च पदासीन कॅरियर के लिए हाथ की बनावट एवं अंगूठे अंगुलियों की बनावट भी उत्कृष्ट किस्म की होनी चाहिए। यदि हाथ की हथेली एवं अंगुलियों तथा अंगूठे की बनावट उत्कृष्ट किस्म की नहीं है तो मात्र रेखाओं एवं बनने वाले रेखा चिन्हों के आधार पर व्यक्ति का कॅरियर उत्कृष्ट किस्म का नहीं बन सकता है। जिस प्रकार छेद वाले फूटे बर्तन में दूध भी डालें तो वह नीचे ही गिरेगा। उसी प्रकार यदि हाथ की एवं अंगुलियां, अंगूठे की बनावट निम्न स्तर की हुई तो रेखाएं भले ही उत्कृष्ट बनी हो एवं उत्तम चिन्हों से युक्त क्यों न हो वे निष्फल ही रहेगी। उच्च कॅरियर के लिए हथेली एवं अंगुलियां अंगूठे की बनावट भी उच्च कोटि की होना आवश्यक है। इस अंक में हम आपको अधिवक्ता (वकील) एवं न्यायाधीश के योगों की हस्त रेखा के आधार पर जानकारी देना चाहते हैं और यह बताना चाहते हैं कि किस प्रकार की रेखाओं एवं चिन्हों के आधार पर वकील एवं न्यायाधीश के कॅरियर का निर्माण होता है। न्यायाधीश एवं वकील के कॅरियर निर्माण के लिए हाथ एवं अंगुलियों की विशिष्ट रचना होना पहली आवश्यकता है।

वकील योग
हथेली की आकृति या तो स्पेक्चूलेट हो अथवा वर्गाकार हो। अंगुलियां लम्बी चश्माकार हो एवं अंगूठा हथेली के नीचे हो अर्थात तर्जनी अंगुली से काफी दूर हो। कनिष्ठिका अंगुली के प्रथम पोर से एक या दो ऊध्र्वगामी रेखा द्वितीय पोर की ओर जाती हुई दिखाई दे, तथा मस्तिष्क रेखा स्पष्ट गहरी ऊध्र्व मंगल तक जाती हुई दिखाई दे तो व्यक्ति हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का वकील होता है। यदि साथ में सूर्य रेखा भी गहरी स्पष्ट सूर्य पर्वत के ऐपेक्स तक पहुंचती हुई दिखाई देती हो तो अति प्रसिद्ध वकील होता है। गुरु पर्वत बुध पर्वत एवं ऊध्र्व मंगल उभरे हुए होने चाहिए। अंगूठे का प्रथम पर्व द्वितीय पर्व से बड़ा होना चाहिए।

न्यायाधीश योग
हथेली वर्गाकार हो, अंगुलियां लम्बी एवं चश्माकार हो, उनमें कनिष्ठिका अंगुली लम्बी अनामिका अंगुली के तृतीय पर्व से ऊपर तक दिखाई देती हो। मस्तिष्क रेखा ऊध्र्व मंगल तक जाती हुई दिखाई देती हो तो मस्तिष्क रेखा से एक शाखा निकलकर बुध पर्वत के क्षेत्र की तरफ जाती हुई दिखाई देती हो। मस्तिष्क रेखा और हृदय रेखा के बीच में आरम्भ में अंतर दिखाई देता हो सूर्य पर्वत, बुध पर्वत, गुरु पर्वत एवं उध्र्व मंगल उन्नत हो तो व्यक्ति उच्च न्यायालय का जज (न्यायाधीश) होता है। यदि इन लक्षणों के साथ सूर्य रेखा लम्बी स्पष्ट एवं गहरी हो तो मुख्य न्यायाधीश का पद प्राप्त होता है।

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