आपातकाल की काली कहानी बार-बार याद किए जाने की दरकार है: सांड

  • Devendra
  • 25/06/2022
  • Comments Off on आपातकाल की काली कहानी बार-बार याद किए जाने की दरकार है: सांड

बिजयनगर। भाजपा मंडल अध्यक्ष धर्मीचन्द खटोड़ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गांधी उधान में काली पट्टी बांधकर 25 जून को भारतीय लोकतंत्र के काले दिवस के रूप में मनाया। खटोड़ ने बताया कि 25 जून की तारीख शायद ही कोई भारतीय याद करना चाहेगा। इस दिन को इतिहास में सबसे विवादित दिन के लिए याद किया जाता है। इस दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भारत में आपातकाल लगाने की घोषणा की थी। 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक की 21 महीने की अवधि में भारत में आपातकाल लगा था। विपक्ष के सभी बड़े नेताओं को गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया गया था। नागरिकों के सभी मौलिक अधिकारों को समाप्त कर दिया गया। सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले राजनेताओं को जेल में डाला जाने लगा। देहात कोषाध्यक्ष आशीष सांड ने बताया कि आपातकाल की काली कहानी बार-बार याद किए जाने की दरकार है ताकि हमें स्मरण रहे कि लोकतांत्रिक परंपराओं के क्षरण के कितने दुष्परिणाम होते हैं। इस दौरान पूर्व भाजयुमो मंडल अध्यक्ष सतीक्ष ओझा, मंडल उपाध्यक्ष गोपाल साहू, मंडल अध्यक्ष हितेश मेवाड़ा, जिला मीडिया प्रभारी ज्ञानचन्द प्रजापत, पार्षद मनीष वैष्णव, महेश रांका, उपाध्यक्ष शिवराज जाट, आईटी संयोजक सम्पत सेन, नितेश सेन, मंत्री राजेन्द्र जांगिड़, धनश्याम शर्मा, महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा आदि मौजूद रहे।

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Skip to toolbar