भारत-इजरायल ने अगले 25 साल की साझेदारी का खींचा खाका

  • Devendra
  • 16/01/2018
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नई दिल्ली। भारत और इज़रायल ने चौथाई सदी पुराने अपने राजनयिक संबंधों को अागामी 25 साल में विभिन्न क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आज खाका खींचा तथा रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया के तहत संयुक्त उपक्रम लगाने, मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) करने तथा भारत में निवेश की संभावनाओं को दोहन करने पर सहमति जतायी।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच यहां हैदराबाद हाउस में हुई शिखर बैठक में कृषि एवं जल क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी और रक्षा एवं सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के साथ उसे साइबर सुरक्षा, तेल एवं प्राकृतिक गैस, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, होम्योपैथिक उपचार और नवीकरणीय ऊर्जा के भंडारण जैसे क्षेत्रों में विस्तार देने का फैसला किया और इसके बाद इनसे जुड़े नौ समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये।

दोनों देशों ने संयुक्त वक्तव्य में आतंकवाद को शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा करार देते हुए आतंकवादियों और उनके संगठनों के साथ -साथ आतंकवाद को प्रायोजित करने, उन्हें वित्तीय मदद और पनाह देने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाने पर बल दिया। उन्होंने दोहराया कि किसी भी स्थिति में आतंकवादी गतिविधियों को जायज नहीं ठहराया जा सकता है।

संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि दोनों देश संयुक्त उपक्रम के जरिये रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया ’कार्यक्रम के तहत प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और शोध समेत रक्षा उत्पादन के लिए सहयोग बढ़ायेंगे। दोनों नेताओं ने सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी से रक्षा उद्योग क्षेत्र में दीर्घकालिक ,टिकाऊ और व्यावहारिक सहयोग का आधार तैयार करने के लिए दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों से 2018 में गहन विचार -विमर्श करने करने को कहा है।

श्री नेतन्याहू के कल यहां पहुंचने से लेकर उनके और प्रधानमंत्री श्री मोदी के बीच घनिष्ठ मित्रता साफ साफ दिखाई दी। श्री मोदी के कल हवाई अड्डे पर प्रोटोकाॅल तोड़कर अगवानी करने और राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत से अभिभूत श्री नेतन्याहू ने शिखर बैठक के बाद अपने भावुकता भरे वक्तव्य में श्री मोदी काे ‘क्रांतिकारी नेता’ करार दिया। उन्होंने कहा कि श्री मोदी भारत में क्रांति लाये हैं और भविष्य में उस क्रांति की प्रगति का खाका भी खींच रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्री मोदी की इजरायल यात्रा भी सचमुच में एक क्रांतिकारी यात्रा थी क्योंकि वह पहले भारतीय नेता हैं जिन्होंने इजरायल की यात्रा की।

श्री मोदी ने अपने वक्तव्य में श्री नेतन्याहू का हिब्रू भाषा में स्वागत किया और कहा, “ गत वर्ष जुलाई में मैं सवा अरब भारतीयों की मित्रता के संदेश को लेकर इजरायल की यादगार यात्रा पर गया था। बदले में मुझे मेरे मित्र बीबी (बेंजामिन नेतन्याहू) के नेतृत्व में इजरायली लोगों के स्नेह एवं प्यार ने अभिभूत कर दिया।” उन्होंने कहा कि हम हमारे लोगों के जीवन पर असर डालने वाले क्षेत्रों में सहयोग के मौजूदा स्तंभों -कृषि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा सुरक्षा को मज़बूत करेंगे।

रक्षा क्षेत्र में हमने इज़रायली कंपनियों को भारतीय कंपनियों में विदेशी निवेश की नीति का लाभ उठाने के लिये आमंत्रित किया है। हम तेल एवं प्राकृतिक गैस, साइबर सुरक्षा, फिल्मों और स्टार्टअप्स के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।

शिखर बैठक में दोनों देशों ने परस्पर सहयोग के नौ दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किये जिनमें साइबर सुरक्षा, तेल एवं प्राकृतिक गैस, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, हवाई संपर्क, फिल्मों के सहनिर्माण, निवेश, होम्योपैथिक उपचार और नवीकरणीय ऊर्जा के भंडारण के क्षेत्र में सहयोग के करार शामिल हैं।

बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव एस. जयशंकर, विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) विजय गोखले, भारत में इजरायल के राजदूत डेनियल कारमेन उपस्थित थे।

बैठक के बाद इज़रायली मेहमानों के सम्मान में आयोजित भोज के वक्त बैण्ड द्वारा बजायी गयी ‘ईचक दाना, बीचक दाना, दाने ऊपर दाना, ..’ की धुन ने संजीदा माहौल में एकदम से इजरायली मेहमानों को सुखद अहसास से सराबोर कर दिया। जैसे ही यह गाना बजा, सभी लोग एकदम से मुड़े और उनके मुंह से निकल पड़ा ..ओह.. इस गीत को तो हम जानते हैं। यह गीत इज़रायल में बहुत लोकप्रिय है।

श्री गोखले ने बाद में यहां संवाददाताओं को बताया कि बैठक में श्री नेतन्याहू ने एफटीए का मुद्दा उठाया था जिस पर श्री मोदी ने कहा कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधिकारियों का दल अगले माह तेल अवीव जाएगा जो एफटीए को लेकर निर्णायक बातचीत करेगा। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष इस समझौते काे आगे बढ़ाने के लिये प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग की सहमतियों का विवरण देते हुए कहा कि कृषि एवं जल, रक्षा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अलावा दोनों देशों ने तेल एवं प्राकृतिक गैस के उत्खनन एवं दोहन तथा साइबर सुरक्षा जैसे नये क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का भी फैसला किया है। दोनों देशों ने लाेगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिये हवाई यातायात करार किया है ताकि दोनों के बीच सहयोग सरकार के स्तर से आगे जनता के स्तर पर कायम हो।

इजरायली प्रधानमंत्री ने अपनी मुंबई यात्रा खासकर बॉलीवुड के कार्यक्रम को लेकर दिलचस्पी जाहिर करने में संकोच नहीं किया। वह 18 जनवरी को ‘शालोम बॉलीवुड’ कार्यक्रम में शिरकत करने वाले हैं। उन्होंने अपने वक्तव्य में भी कहा कि उन्हें और उनकी पत्नी को बाॅलीवुड जाने को लेकर खासी उत्सुकता है।

श्री गोखले ने कहा कि फिल्में लोगों के बीच रिश्ते कायम करने और उसे बढ़ाने का एक अच्छा माध्यम हैं। इससे पहले बैठक में सूचना प्रसारण सचिव एन के सिन्हा और भारत में इजरायल के राजदूत डेनियल कारमेन ने दोनों देशों के बीच फिल्मों के निर्माण में सहयोग के एक करार पर हस्ताक्षर किये।

विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि यह समझौता संभावनाआें को तलाशने को लेकर है। यह एक नये सहयोग की शुरूआत है। फिल्म समीक्षक एवं इस उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि यह दोनों देशों के लिये लाभ की स्थिति है।

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