महाबोधि मंदिर में सीरियल ब्लास्ट की साजिश नाकाम

बोधगया। तीन साल बाद एक बार फिर बौद्धों के पवित्र स्थल विश्वदाय महाबोधि मंदिर को दहलाने की साजिश रची गई थी। हालांकि, सूचना मिलने के कारण पुलिस ने आतंकियों के मंसूबे पर पानी फेर दिया।

शुक्रवार की देर रात एक साथ चार जगहों से अल्युमीनियम के केन में विस्फोटक की बरामदगी हुई। इसमें एक जगह बरामद विस्फोटक चार किलोग्राम का है, जबकि बरामद विस्फोटकों का कुल वजन दस किलोग्राम है। इससे मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी खड़े हो गए हैं। जांच की जा रही है कि कहीं सीरियल ब्लास्ट की साजिश तो नहीं थी।

महाबोधि मंदिर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इधर, तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा के आवास तिब्बती मंदिर को अभेद्य दुर्ग में तब्दील कर दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय धार्मिक व पर्यटन स्थल बोधगया के महाबोधि मंदिर परिसर में विस्फोटक की सूचना के साथ ही हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस ने पूरे इलाके को कब्जे में ले लिया। केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल भी बुला लिए गए। जब तलाशी शुरू हुई तो चार जगहों से विस्फोटक बरामद हुआ। हालांकि, पुलिस ने सिर्फ एक जगह से बरामदगी की बात कही है।

शुक्रवार की शाम को ही महाबोधि मंदिर परिसर के गेट संख्या चार के समीप एक संदिग्ध प्लास्टिक बैग बरामद किया गया था। जांच के बाद पता चला कि इसमें विस्फोटक है। उस समय बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक वहीं थे। उनके जाते ही पूरा इलाका छावनी में तब्दील कर दिया गया।

पुलिस ने देर रात विस्फोटक मिलने की पुष्टि की, पर अभी इसके बारे में विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई है। छानबीन जारी है। वरीय पुलिस अधीक्षक गरिमा मलिक ने बोधगया में विस्फोटक मिलने की पुष्टि की है। विस्फोटक को बोधगया थाने लाया गया है। बम निरोधक दस्ता इसकी जांच कर रहा है। बोधगया की सीमा को सील कर सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

सात जुलाई 2013 को बोधगया के महाबोधि मंदिर में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे। एक के बाद एक दस धमाकों से पूरा बोधगया दहल गया था। सीरियल बम ब्लास्ट में तीन भिक्षु घायल हुए थे। पांच किलोग्राम का सिलेंडर बम मिला था, जिसे बाद में बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया था।

इन दिनों धर्मगुरु दलाईलामा बोधगया प्रवास पर हैं। उनके साथ हजारों की संख्या में बौद्ध धर्मावलंबी हैं, जो नित्यदिन महाबोधि मंदिर में पूजा करते है और प्रवचन सुनते हैं। ऐसे में विस्फोटक मिलने से हड़कंप मच गया है। सूचना के बाद मगध प्रमंडल के आरक्षी उप महानिरीक्षक विनय कुमार, एसएसपी गरिमा मलिक व अन्य वरीय अधिकारी वहां पहुंच गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला पुलिस बल, एसएसबी व सीआरपीएफ की कई कंपनी को बुला लिया गया है। बोधगया के आने-जाने वाले सभी मार्गों को सील कर दिया गया है। पुलिस सर्च अभियान चला रही है।

सूत्र बताते हैं कि महाबोधि मंदिर की उत्तर दिशा में गेट संख्या-4 के समीप एक प्लास्टिक का झोला मिला था। उस झोले में अल्युमीनियम के बर्तन थे। पहले तो इसे सामान्य बात समझी गई, पर जांच के बाद विस्फोटक पाया गया। विस्फोटक का वजन करीब 10 किलोग्राम बताया जा रहा है।

यह सवाल उठ रहा है कि कहीं बोधगया को फिर से दहलाने की साजिश तो नहीं थी। यह संयोग अच्छा था कि पुलिस को इसका पता चल गया, अन्यथा किसी अप्रिय घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता है।

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