राजस्थान उपचुनाव में दोनों ही दलों ने बदला चुनाव प्रचार का तरीका

जयपुर। राजस्थान में अलवर और अजमेर लोकसभा उपचुनाव तथा मांडलगढ़ में विधानसभा उपचुनाव के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों पार्टियां पूरा जोर लगा रही है।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस चुनाव में प्रचार का तरीका बदलकर बड़ी-बड़ी चुनावी सभाओं के बदले विभिन्न समाजों के लोगों को बुलाकर सीधा संवाद शुरू किया है। वे एक ही दिन में कई समाजों के लोगों को बुलाकर उनकी व समाज की समस्याओं को सुनने के बाद उन्हें चुनाव प्रचार में जुटने की अपील कर रही हैं।

आज अलवर में उन्होंने एक निजी रिसोर्ट में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों को बुलाकर बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनने के बाद आगामी 29 जनवरी के दिन समाज के ज्यादा से ज्यादा लोगों को भाजपा के पक्ष में मतदान कराने की अपील की। समाजों के प्रतिनिधियों से मुलाकात में वे उनको चुनाव जिताने की जिम्मेदारी भी दे रहीं है जिससे लोग अपनापन महसूस कर सके।
मुख्यमंत्री अलवर में 25 जनवरी को रोड शो का आयोजन कर सकतीं है।

इससे पहले कल शनिवार को मुख्यमंत्री ने अजमेर लोकसभा उपचुनाव के लिए किशनगढ़ में रोड शो किया। कार के पायदान पर खड़े होकर उन्होंने सड़क के किनारे खड़े लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और धुआंधार चुनाव प्रचार किया। इसी तरह नसीराबाद में भी विभिन्न समाजों के लोगों से मुलाकात की और उनके प्रतिनिधियों को भाजपा उम्मीदवार रामस्वरूप लांबा के पक्ष में चुनाव प्रचार में जुटने का आह्वान किया।

कांग्रेस के चुनाव प्रचार के लिए आज पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत भीलवाड़ा पहुंचे जहां वे मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी विवेक धाकड़ के पक्ष में प्रचार करने जाएंगे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर सत्ता का दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि खदान मालिकों को चुनाव के लिए बुलाकर धमकाया जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट भी आज अजमेर पहुंच कर चुनाव प्रचार शुरू किया। उन्होंने अपना चुनाव प्रचार अभियान चामुंडा मंदिर से शुरू किया जिसमें वे पूरे इलाके में घूमकर लोगों से कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं।

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