पद्मावत विरोधी प्रदर्शन के बाद आगजनी, तोड़फोड़, कई वाहन जलाये

अहमदाबाद। गुजरात में आज शाम पद्मावत विरोधी प्रदर्शनकारियों और असामाजिक तत्वों ने अहमदाबाद शहर में एक कथित कैंडल मार्च के बाद कम से कम चार मॉल में स्थित सिनेमाघरों के सामने दो दर्जन से अधिक वाहनों को आग लगा दी अथवा क्षतिग्रस्त कर दिया और कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ की।

गृह राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि कहां चूक रह गयी थी। उन्होंने इस बात से इंकार किया कि पहले फिल्म पर प्रतिबंध लगा चुकी सरकार ऐसे विरोध प्रदर्शनों को मौन समर्थन दे रही है।

उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि कुछ लोगों को पकड़ा गया है और पुलिस से ऐसे प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपटने को कहा गया है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने को भी कहा गया है। ज्ञातव्य है कि यह घटनाएं ऐसे दिन हुई हैं जब सुप्रीम कोर्ट ने इस फिल्म पर लगाने से जुड़ी सभी अर्जियों को निरस्त कर दिया तथा पद्मावत के मुख्य विरोधी राजपूत करणी सेना के प्रमुख लोकेन्द्र सिंह कालवी गुजरात के ही दौरे पर हैं।

एक कैंडल मार्च में शामिल करीब दो सौ लोगों की भीड़ ने सबसे पहले एस जी हाईवे पर इस्कॉन माल के निकट वाइड एंगल सिनेमा के पास कुछ दो पहिया वाहनों को जला दिया। इसके बाद इसी रोड पर थलतेज में स्थित एक्रोपॉलिस मॉल में तोडफोड़ की और आधा दर्जन से अधिक दो पहिया वाहनों को जला दिया और मॉल के भवन के शीशे तथा कुछ चार पहिया वाहनों में भी तोडफोड़ की।

भीड़ ने वस्त्रापुर में हिमालया मॉल, जिसमें कार्निवाल सिनेमा स्थित है, कुछ वाहनों को जला दिया। बाद में पास ही स्थित अहमदाबाद वन मॉल के सामने आधा दर्जन वाहन जला दिये। समझा जाता है कि इन सभी घटनाओं में एक ही समूह के शामिल होने की संभावना है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने कुछ दुकानों में लूटपाट भी की।

हालांकि इन घटनाओं में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त ए के सिंह ने दावा किया कि कुछ उपद्रवियों को मौके से पकड़ा गया है। सभी सिनेमा घरों पर पुलिस तैनात कर दी गयी है। उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

उधर, उपमुख्यमंत्री नीतिन पटेल ने इन घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उधर गुजरात के दौरे पर आये श्री कालवी ने राजकोट में पत्रकारों से कहा कि अदालत के फैसले के बावजूद जनता और हिंदू समाज इस फिल्म का विरोध जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि अदालत के फिल्म से रोक हटाने के बाद भी केंद्र सरकार कानूनन कार्रवाई कर इस फिल्म के सेंसर सर्टिफिकेट को वापस लेकर इसके प्रदर्शन को रोक सकती है।

बाद में उन्होंने कहा कि वह हिंसा का समर्थन तो नहीं करते पर जो कुछ हो रहा है उसके लिए फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली जिम्मेदार हैं। करणी सेना के गुजरात प्रमुख राज शेखावत ने कहा कि वह अहमदाबाद के हिंसक प्रदर्शनों के पक्षधर नहीं है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

ज्ञातव्य है कि गुजरात ने पद्मावत पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया था और अदालत के फैसले के बाद हालांकि यहां इसके प्रदर्शन पर रोक नहीं है पर अधिकतर सिनेमाघरों ने इस फिल्म को 25 जनवरी को रिलीज के दिन प्रदर्शित नहीं करेंगे।

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