राजस्थान उपचुनाव: उनतालीस लाख से अधिक मतदाता करेंगे मतदान

जयपुर।  राजस्थान में कल होने वाले दो लोकसभा एवं एक विधानसभा उपचुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई जहां उनतालीस लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। राज्य के मुख्य निर्चावन अधिकारी अश्विनी भगत ने आज बताया कि अलवर एवं अजमेर लोकसभा तथा भीलवाड़ा जिले में मांडलगढ विधानसभा उपचुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में कराने के लिए सभी संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

श्री भगत ने बताया कि मतदान सुबह आठ से शाम छह बजे तक कराया जायेगा। सभी मतदान केन्द्रों पर पर्याप्त संख्या में केन्द्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ ही माइक्रो आॅब्जर्वर लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों की वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी और वेबकास्टिंग कराई जाएगी। सभी जगह मतदान दल पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि अजमेर एवं अलवर लोकसभा और मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव में 39 लाख दो हजार 168 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।

इनमें अलवर जिले में 18 लाख 27 हजार 936, अजमेर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 18 लाख 42 हजार 992 और भीलवाड़ा के मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में दो लाख 31 हजार 240 मतदाता हैं। इनके लिए विभाग ने अलवर में 1987, अजमेर में 1925 और मांडलगढ़ में 282 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं।
इसी तरह 28 सहायक मतदान केन्द्र भी बनाए गए हैं ताकि मतदाताओं को चुनाव के दौरान किसी भी अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़े। इसी तरह 313 मतदान केन्द्रों पर (अलवर-140, अजमेर-153 और मांडलगढ़-20) वेबकास्टिंग भी कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के साथ सूखा दिवस भी घोषित किया गया है। मतदान के लिए 29 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश भी रहेगा। उन्होंने बताया कि मतदान से पहले सभी मतदान केन्द्रों पर माॅक पोल होगा, जिसमें प्रत्याशियों के एजेंटों के सामने 50-50 वोट डाले जाएंगे।
उन्होंने बताया कि मतदाताओं को वीवीपैट तकनीक के बारे में बताने के लिए सभी मतदान केन्द्रों पर ईवीएम पोस्टर और मतदाताओं को समझाने के लिए बूथ लेवल अधिकारी उपस्थित रहेंगे। श्री भगत ने बताया कि उपचुनाव में अलवर में 11, अजमेर में 23 और मांडलगढ़ में आठ उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

अजमेर में सर्वाधिक उम्मीदवार हैं जहां एक वीवीपैट मशीन और दो बैलेट यूनिट लगाई जाएंगी। एक फरवरी को मतगणना की जाएगी और तीन फरवरी तक निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इस बार उपचुनाव में पहली बार ईवीएम मतपत्र पर प्रत्याशियों के नाम के साथ उनकी फोटो भी लगाई जायेगी।
देश में किसी भी लोकसभा चुनाव में पहली बार ऐसा प्रयोग किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत ईवीएम मतपत्र पर अब प्रत्याशी का नाम, फोटो और अंत में चुनाव चिह्न दर्शाया जाएगा। नोटा में फोटो की जगह स्थान खाली रखा जाएगा तथा नोटा का चिह्न भी अंकित होगा।

इसी तरह निर्वाचन आयोग ने इन उपचुनावों के सर्विस वोटर्स (नियोजित मतदाताओं) के मतदान के लिए इलेक्ट्रोनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट्स सिस्टम (ईटीपीबीएस) तकनीक की सुविधा भी दी है। इससे मतदान प्रक्रिया में लगने वाला समय आधा रह जाएगा। इन उपचुनावों में 11 हजार 580 सेवा नियोजित मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। इनमें से 11 हजार 437 पुरुष तथा 143 महिला मतदाता हैं। इनमें अलवर में 9 हजार 223, अजमेर में 2 हजार 335 और मांडलगढ़ के 22 सर्विस वोटर इन उपचुनावों में मतदान कर सकेंगे। इसके अलावा इन उपचुनावों में विशेष योग्यजन और वरिष्ठ मतदाताओं के लिए मतदान केन्द्र पर रैंप की सुविधा भी रहेगी।

इसके साथ ही नेत्रहीन मतदाता ईवीएम मशीन पर बनी ब्रेल तकनीक से मतदान कर सकेंगें। राज्य में होने वाले उपचुनावों के लिए करीब 4 हजार 200 ब्रेल मतपत्र मुद्रित कराए गए हैं। इन मतपत्रों द्वारा कोई भी नेत्रहीन मतदाता मतदान केन्द्रों पर मतदान करने से पहले अभ्यर्थियों के क्रमांक, नाम एवं पार्टी आदि पढ़कर ईवीएम पर लगे हुए ब्रेल बटनों के माध्यम से अपने इच्छित उम्मीदवार के पक्ष मतदान कर सकेंगे।

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