अवसर न गंवाएं

हर पांच वर्ष बाद होने वाले लोकतंत्र के महान पर्व का आगाज हो चुका है। दस वर्ष से केन्द्र की सत्ता पर काबिज भाजपा को मोदी की गारंटी पर भरोसा है तो वहीं विपक्ष भी एकजुट होकर चुनावी मैदान में भाजपा को चुनौती देने को आतुर हैं। हालांकि राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस के बीच ही सीधा मुकाबला है। अजमेर संसदीय क्षेत्र में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच ही सीधा मुकाबला माना जा रहा है। वहीं, निर्भीक, निष्पक्ष और अधिक से अधिक मतदान करवाने के लिए चुनाव आयोग के निर्देश पर लगातार स्वीप कार्यक्रम आयोजित करवा कर मददाताओं को जागरूक किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर भी पूरी तैयारी की जा रही है।

जहां तक अजमेर संसदीय क्षेत्र की बात है तो यहां पर भाजपा ने एकबार फिर भागीरथ चौधरी पर भरोसा जताया है। …. और भाजपा को ‘मोदी की गारंटी’ पर भरोसा है। वहीं कांग्रेस ने अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी को चुनावी मैदान में उतार कर मुकाबले को रोचक बनाने का प्रयास किया है। राजनीतिक विश्लेषकों ने राजस्थान में अजमेर संसदीय क्षेत्र को ‘हॉट सीट’ में शुमार कर लिया है। फिलहाल, अजमेर संसदीय क्षेत्र में भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशी रूठे कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को रिझाने में जुट गए हैं।

अब हम मतदाताओं की जिम्मेदारी है कि बूथ पर जाकर अपने-अपने मताधिकार का प्रयोग कर क्षेत्र के चहुंमुखी विकास और संसद में जनता की आवाज को बुलंद करने वाले बेहतर से बेहतर प्रत्याशी का चयन करें। स्मरण रहे कि यह अवसर मतदाताओं को पांच वर्ष बाद ही मिलता है। यही लोकतंत्र की खूबसूरती है और तकाजा भी। … और हां, मतदान के लिए मतदाताओं को प्रेरित करना भी प्रबुद्ध नागरिकों की जिम्मेदारी है। एक सलाह यह भी कि चुनावी मैदान में जीत-हार लगी ही रहती है, लेकिन चुनावी तकरार में वैमनस्य कतई नहीं रखें। अब बात दूसरी, गुरुवार शाम को गणगौर की शाही सवारी निकलेगी। आन-बान-शान से निकलने वाली ईसर गणगौर की शाही सवारी में अपनी परम्परा को बनाए रखने की जिम्मेदारी भी हम बिजयनगर वासियों की ही है। उम्मीद है कि हम बिजयनगरवासी इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाएंगे। जयहिन्द।
दिनेश ढाबरिया, सम्पादक

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