अश्व पर सवार होकर आई थीं, गज पर सवार होकर प्रस्थान कर गईं मां दुर्गा

  • Devendra
  • 19/04/2024
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धर्मराज दशमी पर विशेष
बिजयनगर। मां दुर्गा प्रतिवर्ष दो बार मृत्युलोक का भ्रमण करने आती हैं और अपने भक्तों का दु:ख निवारण करती है। मां दुर्गा का यह भ्रमण अप्रत्यक्ष रूप से होता है। नौ दिन तक मृत्युलोक में निवास करने के बाद मां पुन: अपने धाम को प्रस्थान कर जाती हैं। यह आस्था और भावना का विषय है। इस वर्ष चैत्र शुक्ला प्रतिपदा को मृत्युलोक का भ्रमण करने के लिए मां दुर्गा अश्व पर सवार होकर आई थीं, जिसका फलादेश शास्त्रों में लोगों में अभिमान वृद्धि की भावना बढऩे की वृत्ति बताया है। क्रोध एवं बदले की भावना में वृद्धि होगी। हिंसक वृत्ति बढ़ेगी। अहंकार वृद्धि एवं सहनशक्ति की कमी होगी, ऐसे संकेत देवी के अश्व पर सवार होकर आने से मिलते हैं। नौ दिनों के बाद देवी मां का स्वधाम में प्रस्थान गज पर सवारी करते हुए हुआ है, शास्त्रों में गज पर सवार होकर देवी मां का प्रस्थान करने के उत्तम संकेत बताए गए हैं। इससे इस वर्ष अच्छी वर्षा होगी, किसान प्रसन्न होंगे, फसलों का उत्पादन उत्तम रहेगा, किसानों की आर्थिक सुख सम्पन्नता बढ़ेगी, व्यापारियों के लाभान्वित होने के योग है, साथ ही स्थाई शासन की स्थापना होगी, एवं राज्य व देश में प्रजा खुशहाल होगी। इस योग से मनुष्यों के रोगों का नाश होगा, आमजन में सहयोग की भावना बढ़ेगी।
साभार- पं. रामगोपाल शर्मा, ज्योतिषाचार्य, गुलाबपुरा

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