उफ! ये गर्मी…

सूरज के तल्ख तेवर से इन दिनों हर कोई परेशान है। हिटवेव के चलते दोपहर में सड़कें वीरान सी हो जाती हैं। वहीं अघोषित बिजली कटौती और चार से पांच दिनों के अंतराल पर जलापूर्ति ने आमजनों को ‘त्राहिमाम’ कहने को मजबूर कर दिया है….।
बिजयनगर। बिजयनगर-गुलाबपुरा सहित समूचे क्षेत्र में गर्मी का प्रकोप चरम पर है। पारा पिछले कई वर्षों के रिकार्ड तोडऩे को आतुर है। वहीं प्रात: 10 बजे से ही क्षेत्र में हीट वेव को दौर शुरू हो जाता है, जिसका असर देर शाम तक महसूस किया जा रहा है। ऐसे में घरों से निकलकर काम काज पर जाने वाले महिला पुरुषों के पसीने छूट रहे हैं। घरों में रहने वाले लोगों के सामने भी कूलर बेबश दिखाई दे रहा है। इस प्रचंड गर्मी से पशु-पक्षी भी हलकान हैं। मौसम विभाग की मानें तो कुछ दिनों तक झुलसा देनेे वाली गर्मी से राहत के कोई आसार नहीं हैं।

दोपहर होते ही बाजार सुनसान
सूरज के तल्ख तेवर के चलते दोपहर होते होते शहर के बाजारों में लोगों की आवाजाही खासी प्रभावित हो रही है, तेज गर्मी के चलते अति आवश्यक कार्य होने पर ही लोग घरों से निकल रहे हैं। वहीं सामान्य दिनों में जो मवेशी दिनभर विचरण करते थे, वे भी पेड़ों की छांवों में राहत की सांस लेने को मजबूर हैं।

देर शाम लौटती है रौनक
सूर्य अस्त होने के बाद गर्मी का जोर कम होते ही मुख्य बाजारों में बड़े-बुजुर्गों और बच्चों की चहल-पहल शुरू होने लगती है। गृहणियां भी जरूरत के सामान खरीदने घरों से निकलती हैं तो बच्चे भी ग्रीष्मकालीन छुट्टियों का आनन्द लेने के लिए शाम के समय पार्कों में खेलने-कूदने जा रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने बताया कि रात्रि 9 बजे तक गर्म हवाएं महसूस की जा सकती है।

अघोषित बिजली कटौती कोढ़ में खाज का काम कर रही
शहर में दिन और रात के समय लाईट ट्रिपिंग के बहाने हो रही अघोषित बिजली कटौती से लोगों का भीषण गर्मी में हाल बेहाल है। ऐसे में रात्रि समय में बार-बार लाईट ट्रिप के नाम पर 30-30 मिनट तक बिजली काट दिए जाने से जहां बुजुर्गों की नीदं में खलल पड़ता है तो वहीं छोटे-छोटे बच्चे भी पसीने से तरबतर हो जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती का हाल तो और भी बदतर है।

वार्डों में जलापूर्ति का अंतराल बढ़ा
बिजयनगर पालिका क्षेत्र में तकरीबन सभी वार्डों में पेयजल सप्लाई को लेकर शिकायतें सामने आ रही है। कहीं-कहीं 4-5 दिन के अंतराल पर जलापूर्ति की जा रही है। कहीं इससे भी अधिक अंतराल पर नाम मात्र जलापूर्ति की जा रही है। ऐसे में घरों में रोजमर्रा की जरूरत का पानी स्टोर नहीं होने से घर के बड़े-बच्चे सार्वजनिक नलों या फिर हैंडपम्पों पर देर रात तक पानी भरते दिखाई दे रहे है। वहीं दिनभर सड़कों पर पानी के टैंकरों की आवाजाही जबरदस्त बनी रहती है।

सरवाड़ पम्प हाउस पर तकनीकी समस्याओं के चलते 25 मई से जलापूर्ति सामान्य नहीं हो पा रही है। इसके चलते बिजयनगर शहर में कहीं 84-96 घंटों में तो कहीं-कहीं 96 घंटे से अधिक अंतराल से जलापूर्ति हो पा रही है। विभाग का प्रयास रहेगा जैसे ही सप्लाई का फ्लो बढ़ेगा वैसे वैसे ज्यादा अंतराल वाले जोन में सप्लाई दी जाएगी ताकि आमजन को जलापूर्ति समय पर मिलना शुरू हो जाए।
दिव्या चौहान
कनिष्ठ अभियंता, जलदाय विभाग

तरल पदार्थो का करें सेवन
आमजन को अधिक से अधिक तरल पदार्थो का सेवन करना चाहिए। धूप में घरों से नहीं निकलें, अत्यावश्यक होने पर पूरा शरीर कपड़ों से ढ़ककर बाहर निकलें। भारी भोजन से परहेज करें, सुपाच्य भोजन (हल्का भोजन) करें। यदि किसी को तापघात की शिकायत हो तो सबसे पहले ठंडे पानी के कपडें से अपने शरीर को ठंडा करें, तत्पश्चात मरीज की स्थितिनुसार डॉक्टर को दिखाएं।
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा , पीएमओ राजकीय उप जिला चिकित्सालय, बिजयनगर

पालिका ने बाजारों में सड़कों पर करवाया पानी का छिड़काव
सोमवार को पालिका प्रशासन ने अत्यधिक गर्मी को देखते हुए महावीर बाजार, सथाना बाजार, बालाजी रोड, कृषि मंडी रोड सहित अन्य मार्गों पर अग्निश्मन वाहन के जरिए पानी का छिड़काव करवाया ताकि तेज तपिश से राहगीरों को राहत मिले और 27 मिल चौराहे पर यात्रियों के लिए टेंट लगाकर छाया की व्यवस्था की गई।

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