झूठ बोले कौआ काटे…

माता के गोद से लेकर स्कूली शिक्षा और विभिन्न धर्मसभाओं में यही सीख दी जाती है कि असत्य (झूठ) बोलना पाप है। लेकिन नगर पालिका गुलाबपुरा के लिए यह सटीक नहीं कहा जा सकता। क्योंकि नगर पालिका गुलाबपुरा जिस पते पर पूर्व में नोटिस भेज चुका है, उस पते को माननीय अदालत में शपथपूर्वक यह उल्लेख किया है कि उक्त पते वाला क्षेत्र गुलाबपुरा नगर पालिका क्षेत्र में है अथवा नहीं इसकी जानकारी नहीं है। नगर पालिका से बिना स्वीकृत गुलाबपुरा स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में अवैध निर्माण के एक मामले में पालिका के अधिशासी अधिकारी ने माननीय अदालत में शपथपूर्वक जवाब प्रस्तुत किया है। सवाल यह उठता है कि जब उक्त कॉलोनी गुलाबपुरा क्षेत्र में है ही नहीं तो फिर वहां साफ-सफाई, बिजली-पानी की व्यवस्था कौन करवा रहा है? इस तरह के तमाम यक्ष प्रश्न है, जिसका जवाब नगर पालिका गुलाबपुरा को तलाश करनी चाहिए। फिलहाल, जब मामला माननीय अदालत में हो तो उक्त मामले में सिर्फ यही कहा जा सकता है कि ‘झूठ बोले कौआ काटे…।‘

यूं तो इस भीषण गर्मी में सब हलकान है। वर्षों बाद नौतपा में सूर्यदेव अपना रौद्ररूप इस तरह दिखा रहे हैं। प्रकृति पर किसी का अंकुश तो नहीं लेकिन भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से परहेज करने और मौसम के अनुसार अपना आहार सुनिश्चित करने का यह समय तो है ही। उस पर तुर्रा यह कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती और कम मात्रा में पेयजल आपूर्ति चिंता का विषय है। हालांकि भीषण गर्मी में नगर पालिका बिजयनगर द्वारा शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव, 27 मिल चौराहे पर यात्रियों के लिए छाया की व्यवस्था की सराहना की जानी चाहिए। उम्मीद की जानी चाहिए कि जलदाय विभाग व बिजली विभाग शहर की इस मूलभूत समस्या का जल्द से जल्द निराकरण करवाने में सार्थक पहल करेगा। रही बात, मूक पशु-पक्षियों के लिए जगह-जगह परिंडे व प्याऊ की व्यवस्था भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। निजी संस्थाएं व व्यक्तिगत रूप से भी इस नेक कार्य में पहल किया जा सकता है। जय हिन्द।
दिनेश ढाबरिया, सम्पादक

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