दलितों और बच्चों के विरुद्ध हाेने वाली घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटें राज्य: गेहलोत

नई दिल्ली। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गेहलोत ने दलितों और बालकों के विरुद्ध बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए अाज कहा कि राज्य सरकारों को एेसे मामलों से प्रभावी तरीके से निपटना चाहिए।

श्री गेहलाेत ने बाल संरक्षण अधिकार अधिनियम 1955 और अनुसूचित जाति – एससी एवं जनजाति – एसटी (अत्याचार निषेध) अधिनियम 1989 के क्रियान्वयन का आकलन करने की समीक्षा बैठक में यहां कहा कि एससी और एसटी तथा बालकों के खिलाफ हिंसा बढ़ी है।

उन्होेंने कहा कि राज्य सरकारों को ऐसी घटनाओं से सख्ती आैर प्रभावी तरीके से निपटना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की नियत समय के भीतर जांच प्रक्रिया पूरी कर प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। राज्य सरकारों के एेसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों का गठन प्राथमिकता होनी चाहिए।

ऐसे घटनाओं की समीक्षा के लिए जिला और राज्य स्तर पर सतर्कता एवं निगरानी समितियों की बैठक नियमित रुप से होनी चाहिए। अत्याचार की घटनाओं से पीड़ितों के पुनर्वास की व्यवस्था पर भी राज्य सरकारों को बल देना चाहिए।

बैठक के दौरान आंध्रप्रदेश, बिहार, गुजरात, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओड़िशा, राजस्थान, तेलंगाना और उत्तरप्रदेश में एससी और एसटी तथा बालकों पर अत्याचार के मामलों की समीक्षा की गयी।

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