ट्रेचिंग ग्राउण्ड या खेल मैदान?

यूं तो देश भर में स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 चल रहा है लेकिन शहर के कुछ लोगों का इससे कोई लेना-देना नहीं। बात कर रहे हैं शहर के बीचोंबीच स्थित राजकीय नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान की। लोगों की बेशर्मी और समाजकंटकों के करतूतों के कारण यह मैदान अपना स्वरूप अब खो चुका है। जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी नजरें फेर कर आगे निकल जाते हैं। खारीतट संदेश की एक रिपोर्ट…

बिजयनगर। पचास के दशक में कभी भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद व उसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का सभा स्थल रह चुका राजकीय नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय का खेल मैदान समाजकंटकों के कारण कचरा मैदान में तब्दील होता जा रहा है।

यहां बेतरतीब तरीके से दिनोंदिन बढ़ती जा रही बबूल की झाडिय़ों में आसपास के लोग खुले में शौच जाकर स्वच्छ भारत अभियान को बट्टा लगा रहे हैं। इसके बावजूद न तो विद्यालय प्रशासन और न ही नगर पालिका प्रशासन इस ओर कोई ध्यान दे रहा है।

करीब 46 बीघा के क्षेत्रफल में शहर के बीचोंबीच स्थित यह खेल मैदान आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। कभी रोजाना क्रिकेट, फुटबॉल, गुलामडाली, सितौलिया खेलते बच्चों के शोरगुल से गूंजने वाला यह मैदान आज बच्चों के खेलने के लायक नहीं रहा है।

खेल मैदान के एक हिस्से में बबूल के बड़े-बड़े झाड़ लगे हैं जिनमें नाडी मोहल्ला, पटेल कॉलोनी, बलवीर कॉलोनी आदि के लोग बे-रोकटोक कचरा व गंदगी डाल रहे हैं। वहीं, सांझ ढलते ही समाजकंटक इस मैदान में प्रवेश कर बे-रोकटोक शराब पीते हैं। इससे मैदान में जगह-जगह कांच की बोतलें बिखरी नजर आती हैं।

स्कूल प्रशासन जहां बजट नहीं होने की दुहाई दे रहा है वहीं नगर पालिका प्रशासन इससे बेपरवाह बना हुआ है। इस संबंध में प्राचार्य सुनीलकुमार व्यास का कहना है कि उन्होंने इस समस्या सहित अन्य समस्याओं से विधायक सुशीलकंवर पलाड़ा को अवगत कराया है।

इस पर विधायक पलाड़ा ने प्रार्थना सभा में वर्षाकाल के दौरान बच्चों को भीगने से बचाने के लिए अपने विधायक कोष से टीनशेड के लिए बजट आवंटित कर दिया है और खेल मैदान के बजट का आश्वासन दिया है। उम्मीद है कि शीघ्र ही विधायक कोष की राशि से मैदान का जीर्णोद्धार कार्य करा दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि विद्यालय में गठित प्रबन्ध एवं विकास समिति की कार्यकारिणी में नगर पालिका के पार्षद दातारसिंह व अशोक आलोरिया भी सदस्य हैं। समिति की बैठकों में भी खेल मैदान को लेकर चर्चा हो चुकी है। इसमें मौजूद पार्षदों ने नगरपालिका की ओर से खेल मैदान के विकास के लिए भरपूर सहयोग के लिए आश्वस्त किया है।

प्राचार्य के मुताबिक मैदान के चारों ओर दीवार है लेकिन 20 मीटर के दायरे में दीवार का निर्माण होना शेष है। जहां दीवार बनी हुई है वहां से कुछ जगह समाजकंटकों ने दीवार को तोड़ दिया है। उनका कहना है कि 20 मीटर दीवार निर्माण के लिए स्कूल प्रबन्धन ने शिक्षा विभाग के पोर्टल (शाला दर्पण) पर भी इस समस्या को अंकित करा दिया है।

गंदगी से अटा पड़ा है मैदान
पटेल कॉलोनी व नाड़ी मोहल्ला की ओर मैदान में प्लास्टिक की थैलियां व सड़े गले कचरे से मैदान अटा पड़ा है। इससे उक्त क्षेत्रों का वातावरण भी दूषित हो रहा है तथा मैदान के एक कोने में तो साल भर ही कीचड़ बना रहता है।

मैदान में भर जाता है पानी
जगह-जगह से दीवार का टूटा-फूटा होने के कारण मैदान के आस-पास बसी कॉलोनियों का पानी वर्षाकाल में इस मैदान में भर जाता है तथा खेल मैदान छोटे तालाब में परिवर्तित हो जाता है। स्थिति यह हो जाती है कि लोगों का इस मैदान से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।

विधायक ने दिया है आश्वासन
खेल मैदान की समस्या से विधायक सुशीलकंवर पलाड़ा को अवगत करा दिया है। उन्होंने शीघ्र ही बजट पारित कराने का आश्वासन दिया है।
सुनीलकुमार व्यास, प्राचार्य, रा.ना.उ.मा. विद्यालय, बिजयनगर

Leave a Reply

Your email address will not be published.

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Skip to toolbar