जीवन का सबसे दिव्य सुख भगवान व भगवान के नाम में ही है: पं. भगवतीकृष्ण

गुलाबपुरा (सुशील लोढा) निकटवर्ती जिंक काॅलोनी हुरड़ा स्थित जिंकेश्वर महादेव प्रांगण में राधाकृष्ण परिवार के तत्वावधान में सगतपुरिया के जोशी परिवार की ओर से आयोजित इस श्रीमद भागवत कथा में पांचवे दिन शुक्रवार को कथा वाचक अधर्व वेदाचार्य पं. भगवतीकृष्ण जी महाराज ने कथा का शुभारंभ करते हुए कहा कि जीवन का सबसे दिव्य सुख भगवान व भगवान के नाम में ही है।

राम कथा के प्रसंग का जिक्र करते हुए कथा वाचक ने कहा कि मर्यादा का जीवन में बड़ा महत्व हैं व्यक्ति को सदैव जीवन में मर्यादा में रहकर व्यवहार करना चाहिए। समारोह में भगवान के कृष्ण की बधाईयां गायी गयी। बाजै बाजै रे मैया बधाईयां तेरे अंगना गीत पर संगीतमय प्रस्तुति के साथ श्रोताओं ने खूब नाच किया।

कथा के दौरान भगवान की बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया गया। कथा में भगवान गोवर्धन के तर्जनी पर पर्वत उठाने का प्रसंग भी विस्तार से बताया गया। कथा के दौरान आयोजक परिवार की ओर से शुक्रवार को छप्पन भोग की झांकी भी सजायी गयी तथा बाद में प्रसाद का वितरण किया गया।

आयोजक अनिल जोशी ने बताया कि कथा प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से अपरान्ह में 3 बजे तक जिंकेश्वर महादेव प्रांगण में होगी। कथा का समापन 4 फरवरी को होगा।

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