MRI स्कैन करवाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान, नहीं तो…

शरीर की अंदरूनी बीमारियों का पता लगाने के लिए आजकल लोग सिटी स्कैन, MRI मशीन और एक्स-रे का सहारा लेते है। इससे शरीर के अंदर की सभी रोगों के बारे में पता चल जाता है लेकिन बीमारियों का पता लगाने वाली यह मशीन भी खतरनाक हो सकती है। हाल ही में बेहद दर्दनाक हादसे में एमआरआई मशीन में फंसकर एक युवक की जान चली गई। आइए जानते है इस मशीन के बारे में कुछ ओर बातें।
क्या है MRI स्कैन?
MRI का मतलब मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग स्कैन है। 1970 के दशक में बनी यह मशीन रेफ्रिजरेटर के मैग्नेट से 200 गुना अधिक शक्तिशाली है। इसलिए इसमें किसी भी लापरवाही के कारण व्यक्ति की जान भी जा सकती है। यह मशीन रेडिएशन की बजाए मैग्नेटिक फील्ड पर काम करती है। इसलिए इसके पास किसी भी चुवंकीए धातु को ले जाना मना है।

ऐसे हुई मौत
MRI रूम में ऑक्सीजन लिक्विड फॉर्म में होती है और कमरे में सिलेंडर धातु का बना होता है। मुंबई के राजेश मारू मां से मिलने के लिए हॉस्पिटल आए थे। उन्हें किसी कमर्चारी ने ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ एमआरआई रूम में जाने के लिए कहा। कमरे में जाते ही राजेश को MRI मशीन ने ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ खींच लिया। उनका हाथ मशीन के अंदर फंस गया और ऑक्सीजन गैस उनके शरीर में चली गई। इससे उनका शरीर गुब्बारे की तरह फूल गया और कुछ देर बादउनकी मौत हो गई।

PunjabKesariसावधानियां
MRI स्कैन करवाने से पहले मरीज 4 घंटे पहले ही कुछ खाने के लिए कहा जाता है। कभी-कभी अधिक पानी पीने की सलाह दी जाती है। अगर आप MRI स्कैन करवाने जा रहें है तो घड़ी, ज्वैलरी जैसे झुमके या नेकलेस, पियर्सिंग, नकली दांत, सुनने की मशीन और विग आदि उतार दें। क्योंकि यह मशीन मैग्नेटिक फील्ड पैदा करती है और किसी भी मेटल की इसके संपर्क में आना खतरनाक हो सकता है।

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