गुरूकुल में संस्कारित शिक्षा: आर्य

बिजयनगर। भारत सहित पूरे विश्व प्रचलित शिक्षा प्रणाली का स्तर दिनोंदिन गिरता जा रहा है। शिक्षण संस्थाओं में नैतिक शिक्षा पर कोई ध्यान नही दिया जा रहा ऐसे में आर्य गुरूकुल शिक्षा प्रणाली वर्तमान दौर में भी प्रासंगिक है।

यह बात गत रविवार को स्थानीय आर्य समाज मंदिर में आयोजित साप्ताहिक यज्ञ-सत्संग कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए चाँदसिंह आर्य ने कही। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में हर अभिभावक अपने पुत्र-पुत्रियों को संस्कारवान बनाने के लिए गुरूकुल में ही शिक्षा दिलवाता था।

इसलिए प्राचीन समय में नैतिकता को अभिभावक सर्वोच्च प्राथतिकता देते थे। लेकिन आज के दौर में रोजगार परख शिक्षा प्रणाली का विकास होने के साथ ही नैतिक शिक्षा की प्राथमिकता का स्तर गिर रहा है इसी के कारण समाज में नित नई बुराईयाँ सामने आ रही है तथा युवा दिशाहीन होता जा रहा है।

इस मौके पर आर्य समाज बिजयनगर के प्रधान कृष्णगोपाल शर्मा व मंत्री जगदीश सेन ने चाँदसिंह आर्य का माल्यार्पण कर स्वागत किया। कार्यक्रम में यज्ञसेन चौहान, पुरूषौत्तम सिंह राठौड़ सहित कई आर्यसमाजी मौजूद थे।

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