अन्ना ने फिर भरी हुँकार, कहा भ्रष्टाचार खत्म करना मोदी की मंशा नहीं

सतना। केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि केन्द्र सरकार ने किसान और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों पर कुछ नहीं किया। चुनाव पूर्व कहा था कि 30 दिन में काला धन लाएंगे। सब के खाते में 15 लाख रुपए आएंगे। न काला धन लाए, न ही खातों में 15 लाख रुपए आए। केंद्र का उपहास उड़ाते हुए कहा कि मेरे खाते में 15 रुपए तक नहीं आए।

अन्ना ने कहा लोकपाल बिल पर भारी जन दबाव बना तो यूपीए सरकार ने इसे बना दिया था, पर वर्तमान सरकार 3 साल में इसे लागू नहीं कर पाई। उलटे इस सरकार ने अधिकारियों को बचाने वाला कानून तीन दिन में बनाकर लागू कर दिया। इसी तरह धन विधेयक लाकर चुनावी चंदे पर पर्दा डाल दिया। इस कानून के बनने के बाद कम्पनियों ने 4 हजार करोड़ रुपए का चंदा सत्ता पक्ष को दिया है, मैं अभी इसकी पुख्ता पड़ताल कर रहा हूं।

उन्होंने कहा मोदी सरकार को अडानी-अंबानी की चिंता है, किसान, भ्रष्टाचार और आम आदमी की नहीं। 23 मार्च का धरना किसान और लोकपाल बिल के लिए किया जा रहा है। किसानों को फसल का उचित मूल्य मिले। लोकपाल कानून लागू किया जाए। निराश्रित किसान को 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन दी जाए। लिहाजा धरने को सफल बनाने देश भर का दौरा कर रहा हूं।

अन्ना ने वोटरों से अपील की है कि पक्ष-पार्टी को नहीं बल्कि उम्मीदवार के चरित्र को देखकर अगले चुनाव में वोट करें। कांग्रेस-भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि दोनों ही पार्टियां पैसे से सत्ता और सत्ता से पैसा बनाती हैं, जबकि संविधान में कहीं भी पक्ष और पार्टी का उल्लेख नहीं है। चुनाव आयोग फिर क्यों चुनाव चिन्ह बांटता है।

चुनाव आयोग के साथ इस मुद्दे पर कई मिटिंग हुई। आयोग कहता है, हम कुछ नहीं कर सकते। इतना जरूर हुआ है कि प्रत्याशी के नाम के साथ उसकी फोटो रहेगी। कम से कम मतदाता पहचान कर वोट करेगा।

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