उदयपुर एवं बांसवाड़ा में करीब 115 मिलियन टन स्वर्ण भंडार का अनुमान

जयपुर। राजस्थान के बांसवाड़ा एवं उदयपुर जिले में 114़ 78 मिलियन टन स्वर्ण भंडार होने का अनुमान है।

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के महानिदेशक एन कुटुम्बा राव ने आज यहां पत्रकारों को यह जानकारी दी। श्री राव ने बताया कि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की ताजा खोज में इन जिलों के भूकिया डगोचा क्षेत्र में स्वर्ण संसाधन होने का पता चला है। कमालपुरा नीमका थाना एवं मुंडियावास खेड़ा खंड में भी सोने और तांबे की खोज का काम प्रगति पर है।

उन्होंने बताया कि अकेले राजपुरा. दरीबा खनिज पट्टी में 356़ 47 मिलियन टन के सीसा एवं जस्ता के भंडार का पता चला है। इसके अलावा भीलवाड़ा जिले के सलामपुरा एवं उसके आस पास के क्षेत्रों में खोज कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा 2010 से अब तक राज्य में 81़ 15 मिलियन टन तांबे के संसाधन का पता लगाया जा चुका है।

श्री राव ने बताया कि विभाग द्वारा सामरिक महत्व के खनिजों की खोज का काम भी किया जा रहा है। यह कार्य सिरोही जिले के देवा का बेड़ा, सालियों का बेड़ा एवं बाड़मेर जिले के सिवाना क्षेत्रों में हो रहा है। इसी तरह पोटाश एवं ग्लूेकोनाइट जैसे उर्वरक खनिजों का पता लगाने के लिए नागौर, गंगापुर बेसिन, सवाईमाधोपुर और करौली में खनन का कार्य किया जा रहा है। इसमें सफलता मिलने पर देश में उर्वरक खनिजों के आयात पर निर्भरता कम होगी।

उन्होंने बताया कि अनकवर इंडिया परियोजना के तहत ऐसे खनिजों की खोज की जा रही है जिनके प्राप्त होने का भूगर्भ पट्टी पर कोई संकेत नहीं है। इसके अलावा भूकंप, जीवाश्म और सुदूर संवेदन के क्षेत्र में भी खोज और अनुसंधान कार्य जारी है।

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