आधार के कारण किसी को लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता: प्रसाद

नई दिल्ली। सूचना प्रौद्योगिकी एवं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज कहा कि आधार को ड्राइविंग लाइसेंस से जोड़ने की योजना पर विचार चल रहा है और आधार नहीं होने के कारण किसी को मिलने वाले लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता है।

श्री प्रसाद ने यहां राज्यों के आईटी मंत्रियों और सचिवों के सम्मेलन में यह बात कही। उन्होंने आधार को सुशासन लाने के साथ ही बड़ा बचत करने वाला प्लेटफार्म बताया और कहा कि आधार का कानून भी है। इस कानून में कहा गया है कि आधार नहीं होने के कारण किसी को भी लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति के पास आधार नहीं है तो उसे आधार बनवाने के लिए कह सकते हैं लेकिन वैकिल्पक तरीके से उसे लाभ पहुंचना होगा।

उन्होंने कहा “कई बार ऐसा सुनने को आता है कि राशन की दुकान पर राशन नहीं दिया गया। ऐसा नहीं होना चाहिए। इसके बारे में सभी को सोचने की जरूरत है। कोई भी व्यक्ति गरीब को राशन से इंकार नहीं कर सकता है।’’

गुरूग्राम के सरकारी अस्पताल में एक गर्भवती महिला को आधार कार्ड नहीं लाने के कारण भर्ती करने से इंकार करने और महिला के अस्पताल के बाहर बच्चे को जन्म देने के एक सप्ताह के बाद श्री प्रसाद का यह बयान आया है। इस मामले ने भी काफी तूल पकड़ा था।

मंत्री ने कहा कि कई बार वृद्ध लोगों का फिंगर प्रिंट मैच नहीं करता है । इसके मद्देनजर उन्होंने विभाग को रजिस्टर में आधार नंबर दर्ज करने का निर्देश दिया है। इस आधार पर किसी को उसके अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान करने में मदद मिल सके।

उन्होंने राज्य सरकारों से लोगों को सेवायें देने में डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की सलाह देते हुये कहा कि इन सेवाओं में से कुछ को उन बीपीओ आउटसोर्स किया जाना चाहिए इंडिया बीपीओ प्रोमोशन स्कीम के तहत संबंधित राज्य में खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अगले पांच वर्षाें में एक खरब की डिजिटल अर्थव्यवस्था निर्मित करने की दिशा में काम कर रही है ताकि इससे करीब 75 लाख रोजगार के अवसर सृजित हो सके।

प्रसाद ने राज्याें से साइबर सुरक्षा पर ध्यान केन्द्रित करने की अपील करते हुये कहा कि इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया के तहत भीम यूपीआई से लेनदेन में भारी बढोतरी हुयी है। नवंबर 2016 में प्रतिदिन चार हजार लेनदेन होता था जो अभी बढ़कर 50 लाख पर पहुुंच चुका है।

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