क्षमता विस्तार पर इंडियन ऑयल करेगी 70,000 करोड़ निवेश

नई दिल्ली। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आइओसी) ने ऑयल रिफाइनिंग क्षमता के विस्तार पर 70,000 करोड़ रुपये निवेश की योजना बनाई है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस निवेश के जरिए कंपनी वर्ष 2030 तक अपनी रिफाइनिंग क्षमता 25 फीसद बढ़ाकर 11.65 करोड़ टन सालाना पर पहुंचाना चाहती है। कंपनी की वर्तमान रिफाइनिंग क्षमता 8.07 करोड़ टन सालाना है।

अधिकारी ने बताया कि इस निवेश में मौजूदा रिफाइनरी संयंत्रों की तकनीक में सुधार के जरिए उन्हें वर्ष 2020 तक बीएस-4 मानक के पेट्रोल और डीजल उत्पादन के लायक बनाने का खर्च भी शामिल है। अधिकारी का कहना था कि ओडिशा के पारादीप में नव-स्थापित संयंत्र की मौजूदा 1.5 करोड़ टन की सालाना रिफाइनिंग क्षमता में 50 लाख टन का इजाफा और बिहार की बरौनी रिफाइनरी में 30 लाख टन इजाफा भी इस विस्तार योजना में शामिल है। वहीं, उत्तर प्रदेश की मथुरा रिफाइनरी की क्षमता 12 लाख टन बढ़ाकर 92 लाख टन सालाना तक पहुंचाई जाएगी।

देश की मौजूदा रिफाइनिंग क्षमता 24.76 करोड़ टन है, जो खपत के मुकाबले ज्यादा है। लेकिन 3.5-4 फीसद सालाना चक्रवृद्धि दर से बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए देश की तेल जरूरतों को पूरा करने के लिए रिफाइनिंग क्षमता को विस्तार दिया जाना जरूरी है। पेट्रोलियम मंत्रालय का आकलन है कि वर्ष 2030 तक देश की तेल जरूरत 33.5 करोड़ टन पर पहुंच जाएगी। इसे देखते हुए भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) जैसी अन्य सार्वजनिक तेल कंपनियां भी रिफाइनिंग क्षमता के विस्तार में जुट गई हैं।

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