रंग बरसे….जोगीरा सर-रर-ऽऽ

कृष्णगोपाल गऊ पाल-पाल कर, बेच रहा दूध-मलाई।
सचिन सांखला छाछ पी गया, लालूजी दे रहे बधाई।।
जोगीरा सररर….ऽऽ…ऽ
बुजुर्गों को तीरथ कराकर, ‘योगी’ बन जाएगा धनराज।
रांका रह गया ठाला देखो, आशीष को हो गया खाज।।
जोगीरा सररररर….ऽऽ…ऽ
पैर पटक कर नीरव भागा, फुर्र हो गया माल्या।
योगेन्द्रराज की दुकान पर, भांग घोंट रहा काल्या।।
जोगीरा सररर….ऽऽ…ऽ
राजमहल में बैठा ‘संजय’, सुना रहा कुरुक्षेत्र का हाल।
इस ‘संजय’ ने दल बदल-बदल कर हो गया बेहाल।।
जोगीरा सररररर….ऽऽ…ऽ
जय-बीरू की जोड़ी उनकी, खूब लगाया जोर।
एक फच्चर में अंदर ग्यो, शहर में मच गया शोर।।
जोगीरा सररर….ऽऽ…ऽ
के.डी. मिश्रा नयन लड़ावे, संन्यासी हो गया राजेश।
सहदेव कुशवाह की चाय चुराकर ले भागा बृजेश।।
जोगीरा सररर…ऽऽ…ऽ
मसूदा से सुरेश चावला आए, गुलाबपुरा से नंदकिशोर।
कमलेश की बगिया में जाम लड़ाया, रात से हो गया भोर।
जोगीरा सररर….ऽऽ…ऽ
जीडीपी पर माथापच्ची, ढाबरिया को देख लो लाचार।
भटेवड़ा के घर ‘पकौड़े’ खाकर, डकार रही सरकार।।
जोगीरा सररर…ऽऽ…ऽ
रामदेव खारोल दातून बेचे, सांवरनाथ बेच रहा अचार।
जीवतराम-गौतम पकौड़ा बेचे, पीठ ठोक रही सरकार।।
जोगीरा सररर….ऽऽ…ऽ
56 इंच का सीना है भाई, 80 पर पेट्रोल की धार।
अच्छे दिन में कहां कमी है, पूछ रही सरकार।।
जोगीरा सरररर….ऽऽ…ऽ

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