होली पर बरतें सावधानियां

आंखों पर न लगाएं रंग-गुलाल
होली पर रंग और गुलाल से खेलने से पहले इस बात का पूरा ध्यान रखना चाहिए कि रंग और गुलाल केमिकलयुक्त न हो। सबसे महत्वपूर्ण सावधानी यह रखनी चाहिए कि कोई भी एक-दूसरे के आंखों पर रंग न लगाएं और गुलाल नहीं फेंकें अन्यथा खुशी को त्यौहार में एकाएक मुश्किल खड़ी हो जाना स्वभाविक है।

आजकल के रंगों और गुलालों में रंगों का पक्का करने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया जाने लगा है जिसका हमारी आंखों सहित शरीर पर बुरे प्रभाव पड़ते हैं। इसलिए होली अवश्य खेलें लेकिन सावधानियां भी बरतें। यदि आंखों में रंग या गुलाल लग भी जाता है तो तुरंत ठंडे पानी से आंखों को साफ धोएं। अगर आंखों में ललाई और खुजली महसूस हो तो तुरंत चिकित्सक को दिखाना चाहिए, नहीं तो आंखों में नुकसान होने की पूरी आशंका होती है।
नरेन्द्रकुमार, नेत्र रोग विशेषज्ञ, बिजयनगर

रंग खेलने से पहले नारियल तेल से मालिश कर लें
होली खेलने से पहले हमें अपने शरीर पर नारियल तेल से मालिश कर लेनी चाहिए ताकि रंग और गुलाल हमारी त्वचा पर नहीं चिपक पाएं, और नहाते समय पूरा रंग उतर जाए। जहां तक हो सके गीले रंग और गुलाल से खेलने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि आजकल रंगों में विभिन्न तरह के केमिकल तत्व मौजूद होते हैं जो कि हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं।

हर्बल वाले गुलाल का उपयोग सही है। इससे नुकसान नहीं होता है। गीले रंगों के इस्तेमाल से त्वचा पर जलन सी महसूस होती हैं और लाल त्वचा होकर किसी-किसी के तो दाने निकलने लगते हैं जो कि फिर एलर्जी का रूप ले लेती हैं। रंग खेलने के बाद नहाएं तो त्वचा को जोर-जोर से नहीं रगड़ें अन्यथा हमारी त्वचा की फस्र्ट लेयर उतर जाती है और वहां से त्वचा लाल होकर जलन जैसी महसूस होती है तो चिकित्सक से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।
सुनीत जैन, चर्म रोग विशेषज्ञ

भूले-बिसरे पल
अब महज औपचारिकताएं
जब हम बच्चे थे तो होली के समय गेर खेला करते थे। उस समय के रंगों में केमिकल का इस्तेमाल रत्तीभर भी नहीं होता था। एक व्यक्ति को कंधे पर उठाकर गली-गली में घूमते थे और गली वाले बारी-बारी उस व्यक्ति पर रंग और गुलाल लगाते थे। उस समय लोग होली खेलते समय प्रगाढ़ प्रेम प्रदर्शित करते थे जबकि आजकल ऐसा कुछ भी नहीं है। केवल औपचारिकता का बोलबाला साफ दिखता हैं।
सोहनलाल तातेड़ (दरबार साहब), बिजयनगर

Leave a Reply

Your email address will not be published.

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Skip to toolbar