भिवानी में पीएनबी ने फर्जी कागजात पर दे दिया साढ़े पांच करोड़ का ऋण

भिवानी। हरियाणा केे भिवानी में पंजाब नेशनल बैंक की एक शाखा में फर्जी कागजात के आधार पर साढ़े पांच कराेड़ रुपयेे का ऋण देेने केे एक मामलेे का खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि लोहारू तहसील केे मोेहम्मद नगर स्थित भूरी देवी शिक्षा समिति के प्रधान अशोक कुमार (तालु गांव निवासी) ने जमीन के कागजात की गारंटी पर स्कूल निर्माण के लिए 29 मार्च 2010 को दो करोड़ रुपये का ऋण लिया था।

इसके बाद 12 अगस्त 2011 को फिर स्कूल भवन, हॉस्टल निर्माण और वाहन खरीदने के लिए तीन करोड़ 20 लाख रुपये का ऋण लिया गया। आरोपी ने बैंक को गारंटर के तौर पर लोहारू रोड स्थित उत्तर नगर में 13 मरले का प्लाट, स्कूल की जमीन व भवन की रजिस्ट्री रखी थी। ऋण धारक ने ऋण की राशि बैंक में जमा नहीं कराई।

वर्षों तक बैंक ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। बीच बीच मेें ऋण लौटानेे की सूचना बैंक ने ऋण लेने वाले को दी लेकिन न तो बैंक को कोई उत्तर मिला और न ही राशि जमा कराई तो बैंक ने गारंटी के तौर पर 2017 में जमा प्लाटों की कुर्की के आदेश दिए। इसी के तहत बैंक ने छह अप्रैल को राजपति नामक महिला को 13 मरले का प्लॉट बेच दिया लेकिन बेचा गया प्लाॅट किसी और का निकला।

इसकेे बाद बैंक ने पिछलेे साल 14 दिसंबर को मामले की जांच शुरू की। जांच में प्लाॅट के कागजात फर्जी निकले। दो दिन पहलेे यानी मंगलवार को भिवानी बैंक शाखा के मुख्य प्रबंधक सुरेंद्र कुमार गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने अशोक कुमार, उसकी मां रिसाल कौर व अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 व 120 बी के तहत मामला दर्ज किया।

बैंक में आए नए प्रबंधक सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने एक करोड़ रुपए से अधिक केे ऋण की पुरानी फाइलों को खंगाला जिसके बाद उन्हें केवल जमीन के पॉवर ऑफ अटार्नी पर साढ़े 5 करोड़ का ऋण दियेे जानेे पर संदेह हुआ। उन्होंने ऋण लेने वाली शिक्षा समिति के जमीन के कागजात जांच के लिए तहसीलदार के पास भेजे। वहीं से पता चला कि यह जमीन किसी शिक्षा समिति या सदस्य के नाम ही नहीं है और कागजात फर्जी हैं।

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