हमारे सुरक्षा बल के जवान पाक को माकूल जवाब दे रहे है: सीतारमण

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि सुरक्षा बल जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर न सिर्फ पाकिस्तानी कार्रवाइयों का समुचित जवाब दे रहे हैं, बल्कि सीमा पार से घुसपैठ पर भी उन्होंने प्रभावी रोक लगाई गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (अफस्पा) हटाने पर फिलहाल कोई विचार नहीं किया जा रहा है। रक्षा मंत्री ने बताया कि भारतीय सीमा में घुसने से पहले ही सुरक्षा बल घुसपैठियों का सफाया कर रहे हैं, हालांकि यह कहना भी सही नहीं होगा कि कोई भी घुसपैठ नहीं कर पा रहा है।

मालूम हो कि पिछले साल से नियंत्रण रेखा पर हालात लगातार विस्फोटक बने हुए हैं। 2017 में पाकिस्तानी सेना ने 860 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था, जबकि 2016 में यह संख्या सिर्फ 221 थी। अफस्पा को लेकर भी रक्षा मंत्री का बयान सेनाध्यक्ष के बयान की पुष्टि करता है। जनवरी में सेना अध्यक्ष बिपिन रावत ने कहा था कि अफस्पा पर पुनर्विचार का समय अभी नहीं आया है। यह कानून जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ उग्रवाद प्रभावित कई पूर्वोत्तर राज्यों में लागू है। यह अशांत इलाकों में सुरक्षा बलों को विशेष अभियान चलाने में विशेष अधिकार और संरक्षण प्रदान करता है। वहीं, मालदीव की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर रक्षा मंत्री सीतारमण ने कहा, ‘हम हालात पर नजर रख रहे हैं।’

तेजस के उत्पादन में लानी होगी तेजी
रक्षा मंत्री ने कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) ‘तेजस’ के उत्पादन में तेजी लानी होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने इस परियोजना से किनारा करके किसी और लड़ाकू विमान पर विचार नहीं किया है। वर्तमान में प्रतिवर्ष आठ तेजस विमानों का उत्पादन किया जा रहा है। सीतारमण ने कहा कि सरकार तेजस मार्क-2 संस्करण का बेसब्री से इंतजार कर रही है। यही नहीं कई देशों ने भी एचएएल द्वारा विकसित इस स्वदेशी लड़ाकू विमान में दिलचस्पी दिखाई है। वहीं, सूत्रों के मुताबिक, वियतनाम ने ब्रह्माोस मिसाइल हासिल करने में रुचि प्रदर्शित की है।

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