जीवन में क्रोध से बचें, क्षमा को अंगीकार करें: हरनावा

बिजयनगर। जैन मुनि सुरेश कुमार हरनावा ने कहा कि क्रोध मनुष्य के जीवन के लिए घातक हाेता हैं। व्यक्ति को हमेशा क्रोध से बचना चाहिए और क्षमा को अंगीकार करना चाहिए।

रविवार को तेरापंथ भवन में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कही। क्रोध के कारण लोगों के दिलों में दूरियां बन जाती हें, लेकिन अगर व्यक्ति क्रोध की बजाय अपने जीवन में व्याप्त कमियों को देख ले और गल्तियों को स्वीकार कर क्षमा को अपना ले तो पत्थर दिल इंसान भी कुछ पल में पिघल जाता है।

उन्होंने कहा कि सिर्फ सॉरी बोलकर क्षमा को अंगीकार करने पर जीवन की कड़वाहट प्रेम में बदल जाती हैं। हमेशा हमें क्रोध से परे रहना चाहिए और जीवन में हमेशा स्वयं के भीतर झांकते हुए क्षमा को अंगीकार करना चाहिए। धर्मसभा में मुनि सम्बोध कुमार ने जीवन में हमेशा धर्म के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी।

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